साध्वियों के साथ बलात्कार के मामलों में 20 साल के लिए जेल गए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की हत्या के मामले में मुश्किल बढ़ने जा रही है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार गुरमीत राम रहीम के खिलाफ हत्या के एक मामले में गवाह रहे उसके पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए चंडीगढ़ स्थित सीबीआई अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इस मामले में खट्टा सिंह ने 2007 में जो बयान दर्ज कराया था, 2012 में उससे पलट गया था.

खट्टा सिंह के वकील ने बताया कि माहौल बदलने के बाद उसने अदालत के सामने पेश होने और अपना बयान दोबारा दर्ज कराने का फैसला किया है. इस बारे में खट्टा सिंह का कहना है कि उसने धमकी और हत्या के डर से अपना बयान पलटा था. पंचकुला स्थित सीबीआई अदालत उसे दोबारा बयान दर्ज कराने की इजाजत देने के बारे में 22 सितंबर को सुनवाई करेगी.

उधर, गुरमीत राम रहीम के खिलाफ हत्या के मामलों में अंतिम जिरह शुरू हो गई है. शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी पंचुकला स्थित सीबीआई अदालत में पेशी हुई. उसका पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा सच्चा सौदा के पूर्व कर्मचारी रणजीत सिंह की हत्या के मामले में नाम शामिल है. हरियाणा के सिरसा से सांध्य दैनिक ‘पूरा सच’ निकालने वाले रामचंद्र छत्रपति को 2002 में गोली मार दी गई थी. उन्होंने गुरमीत राम रहीम पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली साध्वियों के गुमनाम पत्र को प्रकाशित किया था. इसी साल रणजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी. अभियोजन पक्ष के मुताबिक गुरमीत सिंह और उसके सहयोगियों को रणजीत पर साध्वियों के गुमनाम पत्रों को लोगों तक पहुंचाने का शक था.