तेल की बढ़ती क़ीमतों पर केंद्रीय मंत्री अल्फ़ोन्स कन्ननथनम का कहना है कि जो व्यक्ति क़ीमत अदा करने में सक्षम है, उसे भुगतान करना होगा. एएनआई के मुताबिक़ नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री कन्ननथनम ने पेट्रोल और डीज़ल के लगातार बढ़ते दामों पर सफ़ाई देते हुए कहा, ‘पेट्रोल कौन ख़रीदता है? किसी के पास एक कार है, बाइक है, वह निश्चित ही भूखा नहीं रह रहा. जो भी भुगतान कर सकता है, उसे करना होगा.’

कन्ननथनम का तर्क है कि उनकी सरकार वंचित लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है, ताकि हर गांव में बिजली, घर और शौचालय जैसी सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें. उन्होंने कहा कि इन कामों के लिए पैसे की ज़रूरत है और मौजूदा सरकार किसी के पैसे चोरी नहीं कर रही. उन्होंने कहा, ‘हम टैक्स इसलिए लगा रहे हैं ताकि ग़रीब सम्मानित जीवन जी सकें. हमारा पैसा इकट्ठा करना उसे चुराना नहीं है.’ कन्ननथमन ने आगे कहा, ‘इसलिए हम उन लोगों पर टैक्स लगा रहे हैं जो इसे दे सकते हैं.’

केंद्र सरकार द्वारा लागू तेल क़ीमतों की दैनिक समीक्षा की नीति के चलते इस समय पेट्रोल और डीज़ल के दाम बीते तीन साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके हैं. 16 जून से यह नीति लागू की गई थी. इसके चलते शुरुआती दिनों में क़ीमतें थोड़ी कम हुई थीं, लेकिन बाद में ये लगातार बढ़ती चली गईं. अभी हालात ये हैं कि देश के अधिकतर शहरों में पेट्रोल 70 रुपये प्रति लीटर से ज़्यादा क़ीमत पर मिल रहा है. कहीं-कहीं तो यह 80 रुपये प्रति लीटर के क़रीब पहुंच गया है. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस नीति में बदलाव करने से इनकार कर दिया है. उन्होंने तेल के दामों में कमी लाने के लिए इसे जीएसटी के दायरे में लाने की वकालत की.