चीन ने उत्तर कोरिया को धमकियां देने को लेकर अमेरिका को नसीहत दी है. रॉयटर्स के मुताबिक़ शुक्रवार को अमेरिका में चीन के राजदूत कुई तियानकाई ने कहा कि अमेरिका को उत्तर कोरिया को धमकी देने से परहेज़ करना चाहिए. चीनी राजदूत का यह बयान उत्तर कोरिया के ताज़ा मिसाइल परीक्षण के अगले दिन आया. वॉशिंगटन में आयोजित दूतावास के एक कार्यक्रम में उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘उन्हें (अमेरिका) और धमकियां देने से बचना चाहिए. बातचीत और समझौते के लिए उन्हें और दूसरे असरदार रास्ते ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए.’

उत्तर कोरिया के मिसाइल व परमाणु परीक्षण कार्यक्रमों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन से अपील कर चुके हैं कि वह उत्तर कोरिया पर कूटनीतिक व आर्थिक दबाव बनाए. चीन लंबे समय तक उत्तर कोरिया का प्रमुख सहयोगी और प्रमुख व्यापारिक साझीदार रहा है. उत्तर कोरिया के मामले में हस्तक्षेप करने की अमेरिका की अपील पर चीनी सरकार ने कहा है कि उसका उत्तर कोरिया पर कोई नियंत्रण नहीं है और अमेरिका को ही इस दिशा में और प्रयास करने चाहिए.

इस महीने की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि अमेरिका उन देशों के साथ व्यापार करने पर रोक लगाने की सोच रहा है जो उत्तर कोरिया से व्यापार करते हैं. चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि इस मुद्दे पर चीनी राजदूत कुई तियानकाई ने कहा है, ‘मेरे विचार में चीन-अमेरिका व्यापार को कमज़ोर करना या चीन पर प्रतिबंध लगाना लक्ष्य से भटकने वाली बात होगी.’ उन्होंने कहा, ‘अगर उत्तर कोरिया को लेकर किसी ने चीन पर दबाव डाला या प्रतिबंध लगाए तो कई अमेरिकी नागरिक इसका समर्थन नहीं करेंगे.’

कुई के मुताबिक अमेरिकी एयरप्लेन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी, सोयाबीन उगाने वाले किसान, चीन में स्मार्टफ़ोन बेचनेवाली कंपनियां, सर्विस सेक्टर में लाभ कमाने वाली कंपनियां या चीन से बड़ा व्यापार कर रहे अमेरिका के राज्य, ये सब चीन के खिलाफ किसी भी अमेरिकी क़दम के विरोध में खड़े हो जाएंगे.