संयुक्त राष्ट्र ने रोहिंग्या मुसलमानों को वापस म्यांमार भेजने के भारत के फैसले की निंदा की | सोमवार, 11 सितम्बर 2017

संयुक्त राष्ट्र ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ हिंसा की तीखे शब्दों निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायोग (यूएनएचसीएचआर) के प्रमुख जैद राद अल-हुसैन ने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को क्रूर बताते हुए इसे रोकने की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘म्यांमार की स्थिति जातीय उन्मूलन के उदाहरण जैसी है.’ द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार जैद राद अल हुसैन ने आगे कहा, ‘हमें मिलीं कई रिपोर्ट और सेटेलाइट तस्वीरें बताती हैं कि सुरक्षाबल और स्थानीय लड़ाके रोहिंग्या मुसलमानों के गांवों को जला रहे हैं. इसके अलावा भाग रहे नागरिकों पर गोलीबारी करने सहित उनकी गैर-न्यायिक हत्याएं भी लगातार जारी हैं.’

रिपोर्ट के मुताबिक यूएनएचसीएचआर के प्रमुख जैद राद अल-हुसैन ने रोहिंग्या मुसलमानों को वापस म्यांमार भेजने की भारत की घोषणा की भी निंदा की. भारत को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति जवाबदेह बताते हुए उन्होंने कहा, ‘भारत सामूहिक तौर पर इन्हें नहीं निकाल सकता है या ऐसी जगह पर नहीं भेज सकता है, जहां इनके लिए उत्पीड़न या हिंसा का खतरा मौजूद है.’ उनके मुताबिक भारत में शरण लेने वाले 40 हजार रोहिंग्या मुसलमानों में 16,000 के पास शरणार्थी दस्तावेज मौजूद हैं.

नए प्रतिबंधों पर उत्तर कोरिया की चेतावनी, कहा - अमेरिका को बहुत जल्द असहनीय तकलीफ झेलनी पड़ेगी | मंगलवार, 12 सितम्बर 2017

उत्तर कोरिया ने नए प्रतिबंध लगाने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित निशस्त्रीकरण सम्मेलन में उत्तर कोरिया के राजदूत हान तेई सांग ने नए प्रतिबंधों को गलत और गैरकानूनी बताया. उत्तर कोरिया के हालिया परमाणु परीक्षण को लेकर सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ज्यादा सख्त प्रतिबंधों वाले नए प्रस्ताव को आम राय से मंजूरी दे दी है. इसमें उत्तर कोरिया के वस्त्र निर्यात पर पाबंदी लगाने के अलावा कच्चे तेल की आयात सीमा तय करने जैसे कदम शामिल हैं.

वहीं उत्तर कोरिया के राजदूत हान तेई सांग ने अमेरिका पर राजनीति, आर्थिक और सैन्य टकराव के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका, उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए हिंसक खेल में शामिल है. हान तेई सांग ने आगे कहा, ‘उत्तर कोरिया अंतिम उपायों को इस्तेमाल करने के लिए तैयार है.’ हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इसके तहत उत्तर कोरिया क्या कदम उठाएगा.फिर भी इसके साथ हान तेई सांग ने यह जरूर कहा, ‘उत्तर कोरिया के आगामी कदमों से अमेरिका को असहनीय तकलीफ से गुजरना पड़ेगा जिसका उसने इतिहास में कभी अनुभव नहीं किया होगा.’

फांसी के 86 साल बाद भगत सिंह को निर्दोष साबित करने के लिए लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर | बुधवार, 13 सितम्बर 2017

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह के प्रशंसकों के लिए यह खबर उत्साहित करने वाली हो सकती है. हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक पाकिस्तान के एक वकील इम्तियाज़ राशिद क़ुरैशी ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह को निर्दोष साबित करने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है. क़ुरैशी ने एक अंग्रेज पुलिस अधिकारी की हत्या के केस में फांसी की सज़ा पाने के 86 साल बाद भगत सिंह को निर्दोष साबित करने के लिए लाहौर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है. पिछले साल फ़रवरी में लाहौर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले की सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच गठित करने की अपील की थी, लेकिन यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया. क़ुरैशी चाहते हैं कि कोर्ट न्यायिक समीक्षा के सिद्धांत पर भगत सिंह की सज़ा रद्द कर दे और सरकार को भगत सिंह को राज्य पुरस्कार से सम्मानित करने का आदेश दे.

भगत सिंह और उनके साथी सुखदेव व राजगुरु पर अंग्रेज पुलिस अधिकारी जॉन पी सॉन्डर्स की हत्या का केस दर्ज किया गया था. ब्रितानी हुकूमत के ख़िलाफ़ साज़िश करने के आरोप में 23 मार्च, 1931 को भगत सिंह और उनके दोनों साथियों को फांसी दे दी गई थी. इम्तियाज़ इसी मामले में उन्हें निर्दोष साबित करना चाहते हैं. लाहौर स्थित भगत सिंह मेमोरियल फ़ाउंडेशन चलाने वाले इम्तियाज़ इसे राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा बताते हैं. क़ुरैशी का कहना है कि शुरू में भगत सिंह को उम्रक़ैद हुई थी, लेकिन बाद में एक ‘झूठा केस’ बनाकर उन्हें मौत की सज़ा दी गई. उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि भगत सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी थे और अविभाजित भारत की आज़ादी के लिए लड़े थे.

ब्रिटेन ने दाऊद इब्राहिम की संपत्ति फ्रीज की | गुरुवार, 14 सितम्बर 2017

ब्रिटेन ने दाऊद इब्राहिम को बड़ा झटका दिया है. उसने अपने यहां स्थित इस माफिया सरगना की संपत्तियां फ्रीज कर दी हैं. दाऊद मुंबई में हुए 1993 के श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों का आरोपित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर-2015 में अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान वहां की तत्कालीन डेविड कैमरन सरकार को उसके खिलाफ सबूत मुहैया कराए थे. उन्होंने कैमरन सरकार से उसकी संपत्तियां जब्त करने का भी आग्रह किया था. ख़बरों के मुताबिक ब्रिटिश सरकार ने ताजा कार्रवाई इसी आग्रह पर की है.

दाऊद को दुनिया के सबसे धनी गैंगस्टरों में शुमार किया जाता है. फोर्ब्स मैगजीन ने तो उसे 2015 में दुनियाभर में अब तक का सबसे अमीर अपराधी माना था. उस वक्त उसकी संपत्ति 6.7 अरब डॉलर के आसपास बताई गई थी. इसमें ब्रिटेन में मौजूद 45 करोड़ डॉलर की संपत्ति भी शामिल है. दाऊद इब्राहिम का आपराधिक कारोबार यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण एशिया के 12 से अधिक देशों में फैला है.

पाकिस्तान : नवाज शरीफ को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किया | शुक्रवार, 15 सितम्बर 2017

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स प्रकरण में 28 जुलाई के अपने फैसले पर फिर से विचार करने से इनकार कर दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिकपाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके बच्चों और पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार ने शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिका लगाई थी. शुक्रवार को पांच जजों की बेंच ने इन सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया. अदालत के इस फैसले से नवाज शरीफ न केवल संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य बने रहेंगे, बल्कि उन्हें और उनके बच्चों को भ्रष्टाचार के मामलों में जांच का भी सामना करना पड़ेगा.

स्थानीय अखबार डॉन के मुताबिक गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ से कहा था कि उन्हें अदालत पर भरोसा रखना चाहिए, जहां से उन्हें पहले राहत मिल चुकी है. जस्टिस आसिफ सईद खोसा ने यह भी कहा था, ‘अपने खिलाफ महज एक फैसला आने से आपको इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है.’

अमेरिका उत्तर कोरिया को और धमकियां देने से परहेज़ करे : चीन | शनिवार, 16 सितम्बर 2017

चीन ने उत्तर कोरिया को धमकियां देने को लेकर अमेरिका को नसीहत दी है. रॉयटर्स के मुताबिक़ शुक्रवार को अमेरिका में चीन के राजदूत कुई तियानकाई ने कहा कि अमेरिका को उत्तर कोरिया को धमकी देने से परहेज़ करना चाहिए. चीनी राजदूत का यह बयान उत्तर कोरिया के ताज़ा मिसाइल परीक्षण के अगले दिन आया. वॉशिंगटन में आयोजित दूतावास के एक कार्यक्रम में उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘उन्हें (अमेरिका) और धमकियां देने से बचना चाहिए. बातचीत और समझौते के लिए उन्हें और दूसरे असरदार रास्ते ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए.’

उत्तर कोरिया के मिसाइल व परमाणु परीक्षण कार्यक्रमों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन से अपील कर चुके हैं कि वह उत्तर कोरिया पर कूटनीतिक व आर्थिक दबाव बनाए. चीन लंबे समय तक उत्तर कोरिया का प्रमुख सहयोगी और प्रमुख व्यापारिक साझीदार रहा है. उत्तर कोरिया के मामले में हस्तक्षेप करने की अमेरिका की अपील पर चीनी सरकार ने कहा है कि उसका उत्तर कोरिया पर कोई नियंत्रण नहीं है और अमेरिका को ही इस दिशा में और प्रयास करने चाहिए.