रामचंद्र गुहा को भाजपा का नोटिस, कहा - बिना शर्त माफी मांगें नहीं तो कार्रवाई होगी | सोमवार, 11 सितम्बर 2017

भारतीय जनता पार्टी ने जाने-माने इतिहासकार रामचंद्र गुहा को लीगल नोटिस भेजकर अपने बयान के लिए माफी मांगने को कहा है. सत्याग्रह की सहयोगी वेबसाइट स्क्रोलडॉटइन को दिए एक इंटरव्यू में रामचंद्र गुहा चर्चित पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में संघ परिवार का हाथ होने की संभावना जताई थी. भाजपा ने कहा है कि अगर उन्होंने तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ दीवानी और फौजदारी के तहत अदालती कार्रवाई की जाएगी.

गौरी लंकेश की बीते हफ्ते बेंगलुरू में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना को लेकर संघ परिवार पर निशाना साधा जा रहा है. इस मसले पर रामचंद्र गुहा का कहना था कि ‘बहुत संभावना है कि उनके हत्यारे उसी संघ परिवार से हों जहां से दाभोलकर, पंसारे और कलबुर्गी के हत्यारे आए.’ कट्टरपंथ, कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ मुखर रहे इन सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

तमिलनाडु : एआईएडीएमके महासचिव के पद से शशिकला की छुट्‌टी, हमेशा जयललिता ही प्रमुख रहेंगी | मंगलवार, 12 सितम्बर 2017

जैसा कि अपेक्षित था. तमिलनाडु के सत्ताधारी दल एआईएडीएमके (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के महासचिव (अंतरिम) पद से शशिकला नटराजन की छुट्‌टी हो गई है. यही नहीं हमेशा के लिए दिवंगत जयललिता को पार्टी प्रमुख बनाए रखने का फैसला भी कर लिया गया है. इससे भविष्य में शशिकला या किसी और के भी इस पद पर पहुंचने के सभी रास्ते हमेशा के लिए बंद हो गए हैं.

ख़बरों के मुताबिक मंगलवार को चेन्नई में पार्टी की साधारण सभा में यह फैसला किया गया. इसमें शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरन की भी उपमहासचिव के तौर पर नियुक्ति शून्य घोषित कर दी गई है. साथ ही शशिकला और दिनाकरन की ओर से अब तक की गई नियुक्तियों को भी रद्द कर दिया गया. उनके बजाय पूर्व में जयललिता ने विभिन्न पदों पर जिन लोगों को नियुक्त किया था वे ही पहले की तरह काम करते रहेंगे.

बैठक में यह भी फैसला हुआ कि पार्टी का काम अब 11 सदस्यीय समन्वय समिति देखेगी. इसके संयोजक उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) होंगे. जबकि मुख्यमंत्री ईके पलानिसामी (ईपीएस) सह-संयोजक होंगे. पार्टी महासचिव के सभी अधिकार समन्वय समिति के संयोजक और सह-संयोजक के पास रहेंगे.

डीयू छात्र संघ चुनाव : एबीवीपी को बड़ा झटका देते हुए एनएसयूआई ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद जीता | बुधवार, 13 सितम्बर 2017

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को बड़ा झटका लगा है. उसे छात्र संघ का अध्यक्ष पद खोना पड़ा है. इस पद पर एबीवीपी का चार साल से कब्जा था. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने जबरदस्त वापसी की है. एनएसयूआई के रॉकी तुसीद ने 16,299 वोटों के साथ अध्यक्ष, जबकि कुणाल सेहरावत ने 16,431 वोटों के साथ उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है. वहीं, एबीवीपी की महामेधा ने 17,156 वोटों के साथ सेक्रेटरी और उमा शंकर ने 16,691 वोटों के साथ ज्वाइंट सेक्रेटरी का पद जीता है.

एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रजत चौधरी को 14,709 और उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार पार्थ को 16,256 वोट मिले. वहीं, एनएसयूआई के सेक्रेटरी पद की उम्मीदवार मीनाक्षी को 14,532 और ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के उम्मीदवार को अविनाश को 16,349 वोट मिले. छात्रसंघ चुनाव के लिए बुधवार को मतदान हुआ था.

नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की बात करना मेरी नासमझी थी, आज शर्म आती है : राम जेठमलानी | गुरुवार, 14 सितम्बर 2017

भारत के सबसे लोकप्रिय और महंगे वकील मानेजाने वाले राम जेठमलानी ने हाल में वकालत से संन्यास लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में राम जेठमलानी ने पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर आलोचना की है. राम जेठमलानी ने लिखा है कि वे प्रधानमंत्री से बहुत निराश हैं. उन्होंने मोदी को एक ‘असफल’ प्रधानमंत्री बताया है. जेठमलानी का कहना है कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के तीनों साल निराशाजनक रहे. इसके साथ जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने ही मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की बात कही थी, लेकिन आज उन्हें अपनी ‘नासमझी पर शर्म आती है’.

पत्र में पीएम मोदी को संबोधित करते हुए जेठमलानी लिखते हैं, ‘आपके तीन साल के काम को लेकर मेरी निराशा को आप नहीं समझ सकते. एक दोस्त के रूप में मैं एक दुर्भाग्यपूर्ण देश के ऐसे अयोग्य नेता को उसकी असफलता के सबूत देता रहा जिसके हाथों में देश का भाग्य है.’ यहां जेठमलानी ने संडे गार्डियन में प्रकाशित अपने एक पुराने लेख का ज़िक्र भी किया. यह लेख उन्होंने नरेंद्र मोदी के बतौर प्रधानमंत्री काम संभालने के बाद लिखा था. इसमें जेठमलानी ने लिखा था कि उन्होंने मोदी के पीएम बनने पर उन्हें बधाई दी थी और अपनी भूमिका का ज़िक्र किया था. उन्होंने लिखा था कि अब मोदी देश से किए अपने वादे पूरे करें.

सरकार पैन और सिम कार्ड के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस को भी आधार कार्ड से जोड़ने की तैयारी में | शुक्रवार, 15 सितम्बर 2017

केंद्र सरकार पैन कार्ड के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस को भी आधार कार्ड से जोड़ने की तैयारी में है. एएनआई के मुताबिक ‘डिजिटल हरियाणा शिखर सम्मेलन 2017’ में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना था कि आधार एक भौतिक नहीं बल्कि डिजिटल पहचान है और एक डिजिटल पहचान ही भौतिक पहचान की पुष्टि करती है. उन्होंने कहा, ‘हम ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से जोड़ने की योजना बना रहे हैं. इस बारे में मेरी नितिन गडकरी से बात हुई है.’ हाल ही में केंद्र सरकार ने मोबाइल के सिम कार्डों को भी फरवरी 2018 तक आधार से जोड़ने के आदेश दिये थे. इससे पहले सरकार पैन कार्ड को भी आधार से जोड़ने का आदेश जारी कर चुकी है.

इस कार्यक्रम में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने इसे ‘गुड गवर्नेंस’ बताया. उन्होंने कहा कि इससे कामों का जल्दी होना और ग़रीबों का कल्याण सुनिश्चित होते हैं. भारत की आईटी इंडस्ट्री की प्रशंसा करते हुए रविशंकर ने कहा, ‘डिजिटल गवर्नेंस ईमानदार, पारदर्शी और प्रभावशाली व्यवस्था है. भारत को इसका नेतृत्व करना चाहिए.’ रविशंकर ने भारत के डिजिटल सोसायटी का नेतृत्व करने की बात भी कही. उनका कहना था कि तकनीक को उचित क़ीमतों पर लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए.

रायन स्कूल हत्याकांड : सीबीएसई का स्कूल को कारण बताओ नोटिस, सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए | शनिवार, 16 सितम्बर 2017

रायन इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के एक छात्र प्रद्युम्न की हत्या के मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फ़ैसला किया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक नोटिस में बोर्ड ने स्कूल से सफ़ाई मांगी है कि क्यों ना बोर्ड से उसकी संबद्धता रद्द कर दी जाए. शनिवार शाम तक स्कूल प्रशासन को नोटिस भेज दिया जाएगा. इससे पहले हरियाणा सरकार ने प्रद्युम्न की हत्या की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं. प्रद्युम्न के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की थी.

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मामले की जांच करने वाली दो सदस्यीय कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर सीबीएसई ने स्कूल को नोटिस जारी करने का फ़ैसला किया है. अख़बार के मुताबिक़ कमिटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन ने लापरवाही बरती है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की. मामला सीबीआई को सौंपने को लेकर उन्होंने कहा, ‘यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं परिवार से मिलने आया था. परिवार और अन्य लोगों की मांग थी कि मामला सीबीआई को दे दिया जाए.’