एयरफोर्स मार्शल अर्जन सिंह के निधन के वक्त को लेकर एक अखबार की खबर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट का विरोधाभास सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया है. यह अखबार अंग्रेज़ी दैनिक द ट्रिब्यून है. विवाद की शुरुआत विदेश मामलों के राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह के एक ट्वीट से हुई. शनिवार 16 अगस्त की शाम को सेना के अस्पताल की ओर से ख़बर आई कि मार्शल अर्जन सिंह का शाम 7.47 बजे निधन हो गया. लेकिन औपचारिक घोषणा से दो घंटे पहले ही करीब साढ़े पांच बजे केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह ने उनके निधन को लेकर ट्वीट कर दिया था. इसमें उन्होंने लिखा था, ‘एयर फ़ोर्स मार्शल अर्जन सिंह की आत्मा को शांति मिले. आप सभी को याद आएंगे. आपको मेरा सलाम.’ नीचे उस ट्वीट का स्क्रीनशॉट दिया गया है. बाद में यह ट्वीट डिलीट कर दिया गया.

16 अगस्त शाम 7.30 बजे ट्रिब्यून ने वीके सिंह के पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया.
16 अगस्त शाम 7.30 बजे ट्रिब्यून ने वीके सिंह के पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया.

लेकिन, द ट्रिब्यून ने औपचारिक घोषणा से कुछ घंटों पहले ही यह ख़बर दे दी थी कि अर्जन सिंह का निधन हो गया है. यह करीब चार बजे की बात है. उसका दावा है कि ख़ुद वरिष्ठ अधिकारियों और अर्जन सिंह के परिवार के सदस्यों ने उनके निधन की जानकारी दी थी, लेकिन सरकार ने औपचारिक रूप से बयान दिया कि अर्जन सिंह जीवित हैं और उनकी हालत नाज़ुक है. द ट्रिब्यून अपने दावे पर अभी तक क़ायम है. अर्जन सिंह के निधन से संबंधित ख़बर में उसने लिखा है, ‘वरिष्ठ अधिकारियों और परिवार के सदस्यों ने पहले ट्रिब्यून को अर्जन सिंह के निधन की जानकारी दी थी, लेकिन सरकार ने औपचारिक रूप से कहा कि वे जीवित हैं, लेकिन उनकी हालत नाज़ुक है.’ आप नीचे स्क्रीनशॉट देख सकते हैं.

पहला सवाल तो यही खड़ा होता है कि अख़बार और सरकार की जानकारी में यह अंतर क्यों. दोनों जानकारियों में से कोई एक ही सही हो सकती है. ट्रिब्यून अपनी जानकारी पर क़ायम है. इस आधार पर दूसरा सवाल बनता है कि अगर एयर मार्शल अर्जन सिंह का निधन पहले ही हो गया था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम 5.53 मिनट पर देश को यह क्यों बताया कि अर्जन सिंह जीवित हैं. सरकार की ओर से की गई घोषणा पर ट्रिब्यून ने ट्वीट किए. एक ट्वीट में उसने वीके सिंह के पहलेवाले ट्वीट का स्क्रीनशॉट लगाया (जो आपने ऊपर देखा). बाद में सरकार की जानकारी को लेकर एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा था कि ‘अर्जन सिंह के निधन की ख़बरों के बीच सरकार कह रही है कि उनकी हालत नाज़ुक है’. आप नीचे स्क्रीनशॉट में प्रधानमंत्री के ट्वीट और ट्रिब्यून की ख़बर की टाइमिंग देख सकते हैं.

प्रधानमंत्री के दोनों ट्वीट.
प्रधानमंत्री के दोनों ट्वीट.
सरकार की जानकारी पर ट्रिब्यून का ट्वीट.
सरकार की जानकारी पर ट्रिब्यून का ट्वीट.

द ट्रिब्यून ने अर्जन सिंह के निधन की खबर 16 अगस्त को दोपहर 3.59 पर छापी थी. ज़ाहिर है अख़बार को इसकी जानकारी इससे कुछ समय पहले ही मिल गई होगी. रात 10.48 बजे आर्टिकल अपडेट किया गया.

ऐसे में एक और सवाल खड़ा होता है कि जब वरिष्ठ अधिकारी और परिवार के सदस्य एक अख़बार को अर्जन सिंह के निधन के बारे में बता सकते हैं, तो वे सरकार, और ख़ुद प्रधानमंत्री से ये बात क्यों छुपाएंगे. हो सकता है कुछ कारणों से सरकार ने ख़बर को कुछ समय के लिए दबाया हो. लेकिन ख़बर दबाने और उसके बदले कोई और तथ्य पेश करने में अंतर है और बहस इसी बात पर हो रही है.