दिग्गज मीडिया ग्रुप एनडीटीवी का मालिकाना हक़ अब स्पाइसजेट एयरलाइंस के सह-संस्थापक और मालिक अजय सिंह के हाथ में आ सकता है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अजय सिंह उन लोगों में शुमार होते हैं जो 2014 में भाजपा के प्रचार अभियान का अहम हिस्सा रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया, ‘हां, सौदा हो चुका है और अजय सिंह संपादकीय अधिकारों के साथ एनडीटीवी पर नियंत्रण हासिल करने जा रहे हैं.’ सूत्रों की मानें तो सौदा क़रीब 600 करोड़ रुपए का है. इसके मार्फत अजय एनडीटीवी का 400 करोड़ रुपए का कर्ज़ भी अपने ऊपर ले रहे हैं. इस सौदे के हिसाब से एनडीटीवी में अब अजय सिंह के पास 40 और प्रणय रॉय तथा उनकी पत्नी राधिका के पास 20 फीसदी हिस्सेदारी होगी.

एनडीटीवी और इसके प्रमोटर- प्रणय व राधिका रॉय बीते दो साल से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. उनके ख़िलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज कर रखा है. उन पर एक बैंक से कर्ज़ लेकर उसे न चुकाने का आरोप है. इस मामले में बीती पांच जून को रॉय के दिल्ली और देहरादून स्थित चार ठिकानों पर सीबीआई ने छापे मारे थे. इसके अलावा आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी एनडीटीवी से संबंधित मामलों की जांच कर रहे हैं. ईडी ने 2015 में एनडीटीवी को नोटिस जारी किया था. इसमें कहा था कि कंपनी में किए गए 2,030 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश में नियमों का उल्लंघन हुआ है. जबकि इसके अगले साल आयकर विभाग ने एनडीटीवी को नोटिस ज़ारी किया. इसमें 2009-10 में हुए करीब 500 करोड़ रुपए के लेन-देन में कर चोरी का आरोप लगाया गया था.

वहीं दूसरी तरफ अजय सिंह के बारे में भी कुछ चीजों का ज़िक्र ज़रूरी है. वे केंद्र में अटलबिहारी वाजपेयी की पहली एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार के दौरान वरिष्ठ मंत्री प्रमोद महाजन के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) रह चुके हैं. बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन का डीडी स्पोर्ट्स चैनल शुरू कराया. साथ ही डीडी न्यूज़ से जुड़ी योजना में भी वे शामिल रहे. आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट अजय 2014 के चुनाव के दौरान भाजपा के प्रचार अभियान का हिस्सा रहे और कहा जाता है कि ‘अबकी बार मोदी सरकार’ का नारा उन्हीं के दिमाग की उपज था.

वे 1996 में दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बोर्ड में भी रहे हैं. कहते हैं कि इस दौरान उन्होंने डीटीसी के कायापलट की योजना बनाई और ढाई साल में यह कर दिखाया. उनके कार्यकाल में डीटीसी बसों का बेड़ा 300 से बढ़कर 6,000 हो गया था. उन्होंने 2004 में बंद हो चुकी मोदीलुफ्त एयरलाइंस को ख़रीदा और इसे स्पाइसजेट के नाम से फिर शुरू किया. आज हवाई सफर करने वाले घरेलू यात्रियों की संख्या के लिहाज़ से स्पाइसजेट देश की तीसरी बड़ी एयरलाइंस है.