कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब अपने एक और बयान से विरोधियों के निशाने पर आ सकते हैं. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ राहुल गांधी ने भारत की स्वतंत्रता के समय के कई बड़े नेताओं को अनिवासी भारतीय (एनआरआई) बताया है. उन्होंने जिन नेताओं को एनआरआई बताया है, उनमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, संविधान निर्माता डॉ बीआर अंबेडकर और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु जैसे नेता शामिल हैं. राहुल गांधी का यह भी कहना है कि कांग्रेस पार्टी एक ‘एनआरआई आंदोलन’ की देन थी. उन्होंने कहा, ‘असली कांग्रेस आंदोलन एक एनआरआई आंदोलन था. महात्मा गांधी एनआरआई थे, जवाहर लाल नेहरु इंग्लैंड से आए थे, अंबेडकर, आज़ाद, पटेल, ये सब एनआरआई थे.’

गुरुवार को राहुल गांधी अपने अमेरिकी दौरे के अंतिम पड़ाव के तहत न्यूयॉर्क में आयोजित कांग्रेस के एनआरआई समर्थकों की मीटिंग में बोल रहे थे. आज़ादी के समय और उसके बाद देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले संस्थापकों के लिए परंपरागत राय से अलग हटते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘उनमें से हरेक भारत के बाहर गया. बाहरी दुनिया देखी और वापस आने के बाद वहां से मिले विचारों का इस्तेमाल किया और भारत को बदला.’ इस दौरान राहुल गांधी ने आगे कहा कि ऐसे हज़ारों ‘अनिवासी भारतीय’ हैं जिनके भारत के लिए दिए योगदान को पहचान मिलना बाक़ी है. अपने बयान के समर्थन में कांग्रेस उपाध्यक्ष ने भारत की श्वेत क्रांति के जनक वर्गीस कुरियन का उदाहरण दिया जो अनिवासी भारतीय समुदाय से आते थे.

अमेरिका में बसे भारतीय प्रवासियों से राहुल गांधी ने कहा कि केवल विदेश में बसने का मतलब यह नहीं कि उन्होंने अपने मूल देश के विकास में योगदान नहीं दिया. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने इस समुदाय को भारत की ‘रीढ़ की हड्डी’ बताया. उन्होंने कहा, ‘आप इस देश में कहीं भी देखें, आपको अमेरिका के लिए काम करने वाला भारतीय मिल जाएगा जो भारत के लिए भी काम कर रहा है. वह यहां शांति से रह रहा है और इस देश और हमारे देश का निर्माण कर रहा है.’ राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘कुछ लोग भारत को भौगोलिक रूप से जोड़कर देखते हैं. मैं सोचता हूं भारत विचारों का एक संग्रह है. मेरे लिए, भारत को बदलने के विचार रखने वाला हर व्यक्ति भारतीय है.’