बनारस के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में कथित छेड़खानी के विरोध में प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर हुए पुलिस के लाठी चार्ज की चौतरफा निंदा हो रही है. रविवार को कई नेताओं ने लाठीचार्ज की निंदा करते हुए योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए भाजपा नेताओं से पूछा है कि क्या यही भाजपा का बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की है.

लाठीचार्ज पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘बीएचयू की छात्राओं पर बर्बर लाठी चार्ज की मैं निंदा करता हूं. उनकी मांग केवल सुरक्षा थी, क्या यह मांग अनुचित थी? हम नवरात्रि में कन्याओं को पूजते हैं और यह तथाकथित हिन्दुत्व के ठेकेदार कन्याओं पर लाठी बरसा रहे हैं.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे से पहले शुक्रवार को बीएचयू की छात्राएं कैंपस में हो रही छेड़छाड़ की वारदात के खिलाफ धरने पर बैठी थीं. इनकी मांग थी कि वाइस चांसलर मौके पर आकर उनकी समस्यायें सुनें और उनका समाधान निकालें. लेकिन, शनिवार रात तक ऐसा न होने पर छात्र-छात्राएं वाइस चांसलर के घर की ओर चल दिए. इस दौरान बीएचयू के गार्डों से उनकी झड़प हुई.

खबरों के मुताबिक इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी फिर बीएचयू के गेट पर आकर बैठ गए. बताते है कि इसके बाद स्थानीय पुलिस वहां पहुंची और धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं को हटाने की कोशिश करने लगी. जब ये लोग नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इस लाठीचार्ज में करीब 10 छात्राएं घायल हुई थीं.