बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की छात्राओं पर पुलिस के लाठीचार्ज के मामले में बनारस के कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में विश्वविद्यालय प्रशासन को दोषी ठहराया है. एनडीटीवी के मुताबिक़ कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मामले को संभालने का विश्वविद्यालय प्रशासन का तरीक़ा ग़लत था. कमिश्नर ने बीएचयू के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी और छेड़छाड़ की पीड़ित लड़की समेत 12 लोगों से बात कर उनके बयान लिए थे. उनकी रिपोर्ट में कहा गया है कि वक़्त रहते मामला सुलझा लिया जाता तो विवाद इतना आगे नहीं बढ़ता.

वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी अपने बयानों पर क़ायम हैं. पुलिस के लाठीचार्ज करने को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपराधियों पर बल का प्रयोग किया था. इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में त्रिपाठी का कहना है कि अगर छात्राओं पर लाठीचार्ज हुआ है तो उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता. लड़कों और लड़कियों के कैंपस में लौटने की टाइमिंग को लेकर किए गए सवाल पर उनका कहना था कि अगर वे हर लड़की (छात्रा) की सुनेंगे तो विश्वविद्यालय नहीं चला सकते. उन्होंने कहा कि लड़कियों को आठ बजे तक वापस आना होता है, और लड़के 10 बजे तक आते हैं. ऐसा दोनों की सुरक्षा के लिए किया गया है. गिरीश चंद्र त्रिपाठी का कहना था, ‘लड़कों और लड़कियों की सुरक्षा कभी भी एक जैसी नहीं हो सकती’.

त्रिपाठी अपने उस बयान पर भी क़ायम हैं जिसमें उन्होंने कहा कि यह पूरा विवाद बाहरी लोगों द्वारा प्रायोजित किया गया है. उन्होंने कहा कि छात्र ऐसे मुद्दे के साथ हैं जिसे सच बनाया गया, लेकिन असल में वह झूठ है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा केवल बीएचयू के साथ नहीं है, बल्कि देश के हर विश्वविद्यालय को परेशान किया जा रहा है. वाइस चांसलर ने दावा किया कि पीड़िता विश्वविद्यालय द्वारा उठाए गए क़दमों से संतुष्ट थी और इस मुद्दे पर की जा रही राजनीति से नाख़ुश थी. त्रिपाठी ने लड़की से हुई बदसलूकी को उत्पीड़न का मामला मानने से इनकार करते हुए इसे छेड़छाड़ की घटना बताया.

उधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी बीएचयू वाइस चांसलर के साथ खड़ा दिख रहा है. न्यूज़ 18 की ख़बर के मुताबिक़ आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने गिरीश त्रिपाठी को योग्य कुलपति बताया और इस पूरे विवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा. इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘कामरेडों (वामपंथियों) ने बीएचयू छात्राओं का इस्तेमाल किया’. उन्होंने कहा कि बुरी दृष्टि रखने वाले कुछ नेता अपने फ़ायदे के लिए छात्राओं का इस्तेमाल करते हैं.