पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को यह कहकर दुनिया को चौंका दिया कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और उसका मुखिया हाफिज सईद अब पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के लिए ‘बोझ’ बन चुका है. उन्होंने यह बात न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में कही. पाकिस्तान के इस बयान को भारत के लिए राहत माना जा रहा है, क्योंकि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के लिए वह हाफिज सईद और उसके संगठन को जिम्मेदार मानता है. हालांकि अब तक पाकिस्तान भारत के इस दावे को नकारता रहा है.

टाइम्स आॅफ इंडिया के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा के बारे में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, ‘यह एक गैर-कानूनी संगठन है. इसका संचालक (हाफिज सईद) अभी नजरबंद है. हालांकि हमें उसके खिलाफ और भी कड़े कदम उठाने चाहिए थे.’ उन्होंने आगे कहा कि इस कठिन दौर में उसके जैसे कई लोग पाकिस्तान और पूरे इलाके के लिए बोझ बन सकते हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि आतंकवाद और उग्रवादी तत्त्वों को खत्म करने के लिए उनके देश को लगातार प्रयास करना पड़ेगा. हालांकि ख्वाजा आसिफ ने कहा, ‘हमारे ​पास ऐसे बोझ से छुटकारा पाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. इस समस्या से मुक्ति के लिए हमें समय और संसाधन दोनों की सख्त जरूरत है.’

पिछले तीन दशकों में पाकिस्तान में आतंकवाद के पनपने का ठीकरा अमेरिका पर फोड़ते हुए उन्होंने कहा, ‘अफगानिस्तान में सोवियत संघ के खिलाफ छेड़े गए छद्म युद्ध में हमेंं अमेरिका का साथ निभाने की भारी कीमत चुकानी पड़ी. इस दौरान अमेरिका और पाकिस्तान दोनों ने ही मिलकर जिहादी तत्त्वों को तैयार किया था.’ उन्होंने आगे कहा कि सईद जैसे लोग 20 साल पहले आपके प्रिय थे, इसलिए उसके लिए हमें दोष मत दीजिए.

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के आज के हालात देखकर उनका दिल फटता है. उनका कहना था, ‘पाकिस्तान ने जिहाद का समर्थन अपने दोस्त अमेरिका के लिए किया था ताकि रूस अफगानिस्तान से चला जाए. लेकिन कुछ चीजें अब ‘अपरिवर्तनीय’ बन गई हैं. इन्हें रातोंरात ठीक नहीं किया जा सकता.’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले महीने पाकिस्तान को आगे समर्थन न देने के ऐलान पर उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान को काफी दुख पहुंचा है. उनके मुताबिक अफगानिस्तान में अमेरिका की विफलता के लिए पाकिस्तान को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है.