झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा अब अगले तीन साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चुनाव आयोग ने उन पर यह प्रतिबंध लगाया है.

ख़बर के मुताबिक कोड़ा के ख़िलाफ 2009 के लोकसभा चुनाव से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की गई है. उस वक़्त कोड़ा ने सिंहभूम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. लेकिन आयोग को अपने चुनाव प्रचार पर हुए खर्च के बारे में ग़लत जानकारियां दीं. उन्होंने प्रचार का खर्च 18,92,353 रुपए बताया था. जबकि आयकर विभाग की जांच में पता चला कि उन्होंने असल में 9.32 करोड़ रुपए चुनाव प्रचार पर खर्च किए. इसमें 28 लाख रुपए तो सिर्फ विज्ञापनों पर ही खर्च किया गया. लेकिन उन्होंने विज्ञापन पर खर्च की गई रकम भी महज 2.24 लाख ही बताई थी.

आयकर विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने उन्हें पांच अगस्त 2010 को नोटिस जारी किया. इसके बाद 2014 से इस मामले की 25 बार से ज़्यादा सुनवाई की और इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि कोड़ा ने 48 पेड न्यूज़ (पैसे लेकर समाचार की शक्ल में विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित करना) ज़ारी कराईं. जबकि उन्होंने आयोग को दिए ब्यौरे में इस तरह की 14 पेड न्यूज़ जारी कराने की ही जानकारी दी थी. इन्हीं सब आधारों पर उन्हें जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा-10ए के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित करने का फैसला किया गया.

ग़ौरतलब है कि कोड़ा निर्दलीय विधायक होने के बावज़ूद 2006 से 2008 तक झारखंड में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल और अन्य के समर्थन से मुख्यमंत्री रहे. हालांकि उनके इस कार्यकाल के दौरान भी भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए जो अब तक उनकी परेशानी बने हुए हैं. कोड़ा फिलहाल न तो विधायक हैं और न ही सांसद. उनकी पत्नी गीता कोड़ा ज़रूर पश्चिम सिंहभूम की जगन्नाथपुर सीट से विधायक हैं.