बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष पद से अशोक चौधरी को हटाए जाने के कांग्रेस आलाकमान के फ़ैसले से राज्य के अधिकतर विधायक ख़ुश नहीं लग रहे. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़ बुधवार को नए अध्यक्ष कौकब क़ादरी के कार्यभार संभालने को लेकर आयोजित कार्यक्रम में 27 कांग्रेस विधायकों में से 26 विधायक शामिल नहीं हुए. इससे माना जा रहा है कि ज्यादातर विधायक अशोक चौधरी के समर्थन में हैं.

नए अध्यक्ष के कार्यक्रम में केवल एक विधायक सिद्धार्थ शामिल हुए. उधर, 15 विधायक और विधान परिषद के सदस्य अशोक चौधरी से एकजुटता दिखाने के लिए उनके घर पहुंचे. पार्टी के एक क़रीबी सदस्य ने अख़बार से कहा कि चौधरी से मिलने वाले विधायकों के नाम बताना उचित नहीं होगा. उधर, नए प्रदेश अध्यक्ष कौकब क़ादरी ने घोषणा की कि सृजन घोटाले और बटेश्वरनाथ गंगा पंप कैनल स्कीम में घपले के ख़िलाफ़ उनकी पार्टी पूरे राज्य में आंदोलन करेगी. क़ादरी ने कांग्रेस नेताओं से आपसी मतभेद ख़त्म करने और संगठन को मज़बूत करने की अपील की.

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से अचानक हटाए जाने पर अशोक चौधरी ने नाराज़गी जताई थी. बुधवार को एक प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें इतना भी मौक़ा नहीं दिया कि वे सम्मान के साथ विदाई देते हुए अपना इस्तीफा सौंप सकें. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अशोक चौधरी ने कहा कि एक दलित होने की वजह से उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया. कांग्रेस महासचिव ने जनार्दन द्विवेदी ने मंगलवार को बताया था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अशोक चौधरी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है.