उत्तर कोरिया से जारी तनाव के बीच जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने देश की संसद के निचले सदन को भंग कर दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक उन्होंने 22 अक्टूबर को मध्यावधि चुनाव के लिए अपील की है. गुरुवार को कई विपक्षी सांसदों ने निचले सदन को भंग करने के लिए बुलाए गए सत्र का बहिष्कार किया. उनका कहना था कि उत्तर कोरिया के साथ तनाव के बीच मध्यावधि चुनाव का फैसला करके प्रधानमंत्री शिंजो आबे राजनीतिक शून्य पैदा कर रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक 2012 में दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में वापसी करने वाले प्रधानमंत्री शिंजो आबे उम्मीद कर रहे हैं कि उनके नेतृत्व वाले गठबंधन को आसानी से सामान्य बहुमत मिल जाएगा. बीते समय में उत्तर कोरिया के प्रति सख्ती के चलते शिंजो आबे की लोकप्रियता बढ़ी है और सदन को भंग करने के पीछे के उनके फैसले की यही वजह मानी जा रही है. हालांकि, इस मौके पर उनका कहना था, ‘यह एक कड़ा मुकाबला होगा. लेकिन यह सब कुछ इस सवाल को लेकर होगा कि हम जापान, जापानियों की जिंदगी और क्षेत्र में अपनी शांतिपूर्ण उपस्थिति की सुरक्षा कैसे करते हैं?’

इस बीच जापान के मुख्य विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी ने मध्यावधि चुनाव में टोक्यो के गवर्नर यूरिको कोइके की पार्टी ऑफ होप का समर्थन करने की घोषणा की है. पार्टी ऑफ होप बुधवार को बनी है. डेमोक्रेटिक पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी, लेकिन अपने सदस्यों को पार्टी ऑफ होप के बैनर तले चुनाव लड़ने की छूट देगी.