रिलायंस जियो के जियोफोन को खरीदने की इच्छा पाले ग्राहकों के लिए एक झटके वाली खबर है. कंपनी ने अपने इस फोन को लेकर कुछ जरूरी नियम और शर्तों का खुलासा किया है. इनसे साफ़ पता चलता है कि इस फोन के लिए ग्राहकों की जेब से केवल 1500 नहीं बल्कि ज्यादा रुपए खर्च होंगे.

अगर शुरूआती घोषणा को देखें तो जियोफोन की लॉन्चिंग के वक्त कहा गया था कि यह फोन मुफ्त में मिलेगा और इसके लिए ग्राहकों को केवल 1500 रुपये देने होंगे जो तीन साल बाद वापस भी मिल जाएंगे. लेकिन, अब कंपनी की प्रमुख शर्तों में एक में कहा गया है कि ग्राहकों को मोबाइल लेने के बाद तीन साल तक हर साल 1500 रुपये का रिचार्ज करवाना जरूरी होगा. अगर ऐसा नहीं होता है तो रिलायंस जियो के पास हैंडसेट वापस लेने का अधिकार होगा और इस स्थिति में ग्राहकों को कंपनी को अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा.

इस पूरे गणित को अगर और बेहतर तरीके से समझा जाए तो साफ़ है कि ग्राहकों को मोबाइल के लिए शुरुआत में 1500 रुपए जमा करने के बाद तीन साल में करीब 4,500 रुपये और कंपनी को देने पड़ेंगे. कंपनी की अन्य शर्तें भी ग्राहकों के लिए झटके से कम नहीं हैं. इनमें कहा गया है कि जो ग्राहक जियोफोन को किसी भी कारण से पहले साल के भीतर लौटाएंगे उन्हें 1500 रुपये के अलावा जीसटी और दूसरे टैक्स देने पड़ेंगे. इसी तरह जो फोन को एक साल बाद और दो साल से पहले वापस करेंगे उन्हें 1000 रुपये के अलावा जीसटी और दूसरे टैक्स देने होंगे. जो ग्राहक दो साल बाद और तीन साल से पहले ऐसा करेंगे उनसे जीएसटी और दूसरे टैक्स के अलावा 500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा.

जियो के यूजर्स के पास जियोफोन को बेचने या किराए पर देने या फिर किसी भी व्यक्ति को देने का अधिकार नहीं होगा. यह फोन केवल निजी उपयोग के लिए होगा. इसका उपयोग केवल सरकारी या कंपनी द्वारा जारी गाइडलाइनों के हिसाब से करना होगा. इसके अलावा यूजरों को फोन के दुरुपयोग, सॉफ्टवेयर में बदलाव, फोन का सिम लॉक ब्रेक करने या फोन के साथ अन्य किसी तरह की छेड़छाड़ करने की इजाजत भी नहीं होगी.