भारत को घेरने की जल्दबाज़ी में पाकिस्तान ने गाज़ा की घायल लड़की को कश्मीरी बताया | सोमवार, 25 सितम्बर 2017

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में कश्मीर की हिंसा को मुद्दा बनाकर भारत को घेरने की कवायद में पाकिस्तान से बड़ी चूक हो गई. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की एक शीर्ष प्रतिनिधि ने ‘पैलेट गन से घायल’ एक महिला की तस्वीर दिखाकर यह साबित करने की कोशिश की कि कैसे भारत की एजेंसियां कश्मीर में अत्याचार कर रही हैं. लेकिन तस्वीर में दिख रही महिला कश्मीर की थी ही नहीं. पाकिस्तान की प्रतिनिधि गाज़ा की एक लड़की को कश्मीर की बता रही थीं.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पाकिस्तान पर लगाए आरोपों पर प्रतिक्रिया दे रही थीं. उन्होंने कहा कि भारत ने जानबूझकर ‘मूल विषय’ कश्मीर को एकतरफ़ कर दिया. इसी दौरान उन्होंने लड़की की तस्वीर की दिखाई जिसके चेहरे पर कई ज़ख़्म थे. इसके बाद मलीहा ने कहा, ‘यह है भारतीय लोकतंत्र का चेहरा.’

बाद में पता चला कि तस्वीर में दिख रही महिला गाज़ा की 17 साल की राव्या अबु जोमा थी जो इज़रायल के एक हवाई हमले में बम के टुकड़े चेहरे पर लगने से घायल हो गई थी. अख़बार ने बताया कि गाज़ा संघर्ष को कवर कर रहे जेरूसलम स्थित एक पत्रकार हेदी लेवाइन ने जुलाई 2014 में उसके ज़ख़्मी चेहरे की तस्वीर ली थी.

जर्मनी : आम चुनाव में अंगेला मर्केल की कमज़ोर जीत, दक्षिणपंथी एएफ़डी ने सबको चौंकाया | मंगलवार, 26 सितम्बर 2017

जर्मनी के आम चुनावों में जर्मन चांसलर अंगेला मर्केल के कन्ज़र्वेटिव गुट सीडीयू/सीएसयू की जीत हुई है. वे लगातार चौथी बार जर्मनी की चांसलर बनेंगी. लेकिन उनका मत प्रतिशत पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है. मर्केल के गठबंधन को सिर्फ 33 प्रतिशत वोट मिले जबकि पिछली बार यह आंकड़ा 42 फीसदी के करीब था. नतीजे सामने आने के बाद मर्केल ने स्वीकार किया कि वे इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही थीं. हालांकि इसके बावजूद उनका गुट संसद में सबसे बड़े गठबंधन के रूप में बना रहेगा.

बीबीसी के मुताबिक़ चुनाव परिणाम बताते हैं कि मर्केल को 2015 के प्रवासी संकट के मुद्दे से नुक़सान हुआ है. उनकी पार्टी को मिले वोटों का प्रतिशत 2013 के चुनाव की अपेक्षा 8.6 प्रतिशत कम है. हालांकि संसद में सरकार बनाने के लिए उनके पास पर्याप्त सीटें हैं. मर्केल के लिए अच्छी ख़बर यह है कि संसद में जा रहीं सभी पार्टियों ने राष्ट्रवादी एएफ़डी के साथ काम करने से इनकार कर दिया है. जीत के बाद मर्केल ने कहा कि उनके विरुद्ध कोई भी गठबंधन सरकार नहीं बना सकता. मर्केल ने आश्वस्त करते हुए कहा कि क्रिसमस तक देश को एक स्थायी सरकार मिलेगी.

इस बार चुनाव में दक्षिणपंथी पार्टी ऑल्टर्नेटिव फ़ॉर जर्मनी (एएफ़डी) के प्रदर्शन ने सभी को हैरान किया. पार्टी को 13 प्रतिशत वोट मिले. वह तीसरे नंबर की पार्टी रही. बीती आधी सदी बाद पहली बार कोई दक्षिणपंथी पार्टी जर्मनी की संसद का हिस्सा होगी.

सऊदी अरब में महिलाएं ड्राइविंग कर सकेंगी, किंग सलमान ने लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया | बुधवार, 27 सितम्बर 2017

सऊदी अरब में अब महिलाएं ड्राइविंग कर सकेंगी. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ महिला अधिकार कार्यकर्ताओं की यह प्रमुख मांग थी जिसे सऊदी अरब के शासक सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ सौद (किंग सलमान) ने मान लिया. सरकारी प्रेस एजेंसी और चैनल ने ख़बर दी है कि किंग सलमान ने पुरुषों और महिलाओं दोनों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया है. हालंकि महिलाओ को लाइसेंस तुरंत नहीं मिलेंगे. इसके लिए एक समिति बनेगी जो नए आदेश को लागू करने को लेकर काम करेगी. जून 2018 से आदेश प्रभाव में आने की उम्मीद है. अमेरिका ने सऊदी अरब के इस क़दम का स्वागत किया है.

सऊदी अरब के अति-रूढ़िवादी धार्मिक लोग महिलाओं की ड्राइविंग का विरोध करते हैं. यहां न्यायालय और शिक्षा के क्षेत्र में इन लोगों का काफ़ी प्रभाव है. उन्होंने महिलाओं को ड्राइविंग की इजाज़त देने को लेकर चेतावनी दी थी. उनका कहना था कि इससे समाज भ्रष्ट हो जाएगा और पाप के मार्ग पर चला जाएगा. सऊदी अरब में ज़्यादातर महिलाएं संरक्षण क़ानूनों के नाम पर पुरुषों की देखरेख में ही जीवन जीती हैं. यहां महिला अधिकार कार्यकर्ता 1990 से संघर्ष कर रहे हैं. यह दुनिया का एकमात्र देश है जहां महिलाओं के ड्राइविंग करने पर प्रतिबंध है. इस प्रतिबंध को तोड़ने वाली महिलाओं को कई बार हिरासत में लिया गया.

लश्कर-ए-तैयबा और हाफिज सईद जैसे लोग पाकिस्तान के लिए अब बोझ बन चुके हैं : ख्वाजा आसिफ | गुरुवार, 28 सितम्बर 2017

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को यह कहकर दुनिया को चौंका दिया कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और उसका मुखिया हाफिज सईद अब पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के लिए ‘बोझ’ बन चुका है. उन्होंने यह बात न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में कही. पाकिस्तान के इस बयान को भारत के लिए राहत माना जा रहा है, क्योंकि 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के लिए वह हाफिज सईद और उसके संगठन को जिम्मेदार मानता है. हालांकि अब तक पाकिस्तान भारत के इस दावे को नकारता रहा है.

टाइम्स आॅफ इंडिया के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा के बारे में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, ‘यह एक गैर-कानूनी संगठन है. इसका संचालक (हाफिज सईद) अभी नजरबंद है. हालांकि हमें उसके खिलाफ और भी कड़े कदम उठाने चाहिए थे.’ उन्होंने आगे कहा कि इस कठिन दौर में उसके जैसे कई लोग पाकिस्तान और पूरे इलाके के लिए बोझ बन सकते हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि आतंकवाद और उग्रवादी तत्त्वों को खत्म करने के लिए उनके देश को लगातार प्रयास करना पड़ेगा. हालांकि ख्वाजा आसिफ ने कहा, ‘हमारे ​पास ऐसे बोझ से छुटकारा पाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं. इस समस्या से मुक्ति के लिए हमें समय और संसाधन दोनों की सख्त जरूरत है.’

उत्तर कोरिया से तनाव के बीच जापान की संसद का निचला सदन भंग, अगले महीने चुनाव हो सकते हैं | शुक्रवार, 29 सितम्बर 2017

उत्तर कोरिया से जारी तनाव के बीच जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने देश की संसद के निचले सदन को भंग कर दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक उन्होंने 22 अक्टूबर को मध्यावधि चुनाव के लिए अपील की है. गुरुवार को कई विपक्षी सांसदों ने निचले सदन को भंग करने के लिए बुलाए गए सत्र का बहिष्कार किया. उनका कहना था कि उत्तर कोरिया के साथ तनाव के बीच मध्यावधि चुनाव का फैसला करके प्रधानमंत्री शिंजो आबे राजनीतिक शून्य पैदा कर रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक 2012 में दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में वापसी करने वाले प्रधानमंत्री शिंजो आबे उम्मीद कर रहे हैं कि उनके नेतृत्व वाले गठबंधन को आसानी से सामान्य बहुमत मिल जाएगा. बीते समय में उत्तर कोरिया के प्रति सख्ती के चलते शिंजो आबे की लोकप्रियता बढ़ी है और सदन को भंग करने के पीछे के उनके फैसले की यही वजह मानी जा रही है. हालांकि, इस मौके पर उनका कहना था, ‘यह एक कड़ा मुकाबला होगा. लेकिन यह सब कुछ इस सवाल को लेकर होगा कि हम जापान, जापानियों की जिंदगी और क्षेत्र में अपनी शांतिपूर्ण उपस्थिति की सुरक्षा कैसे करते हैं?’

इराक ने जनमत संग्रह के बाद कुर्दिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगाई | शनिवार, 30 सितम्बर 2017

इराक ने कुर्द बहुल इलाके कुर्दिस्तान में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा दी है. बीबीसी के मुताबिक इराक प्रशासन ने यहां जनमत संग्रह में आजादी के पक्ष में 92 फीसदी मतदान होने के बाद यह कदम उठाया है. इराकी प्रशासन ने यह भी कहा है कि जब तक कुर्द इरबिल और सुलेमानिया एयरपोर्ट का नियंत्रण नहीं सौंप देते तब तक केवल घरेलू उड़ानों को ही इजाजत दी जाएगी. हालांकि, कुर्दिस्तान की क्षेत्रीय सरकार ने इराकी प्रशासन की इस मांग को खारिज कर दिया है. उसका कहना है कि ये एयरपोर्ट इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में बेहद जरूरी हैं.

उधर, इरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रमुख तालार फेक ने कहा कि इराकी प्रशासन के प्रतिबंध से इस इलाके में सैनिक विमानों की उड़ानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि एयरपोर्ट हमेशा ही इराक के नागरिक विमानन विभाग की निगरानी में रहा है और उसके सभी निर्देशों का पालन किया गया है.