गुजरात में दलितों के खिलाफ हिंसा का एक और मामला सामने आया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ आणंद जिले में एक गरबा आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचे 21 साल के दलित युवक जयेश सोलंकी की ऊंची जाति के कुछ लोगों ने कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी. यह घटना बीते शनिवार की है. पुलिस ने मामले में पटेल समुदाय के आठ लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.

बताया जा रहा है कि जयेश भद्रानिया गांव के वांकरवास इलाक़े का निवासी था. वह नवरात्रि के दौरान स्थानीय मंदिर के पास आयोजित कार्यक्रम देखने गया था जहां उसे उसी के गांव के संजय पटेल और उसके साथी भीमो ने कथित रूप से जातिसूचक अपशब्द कहे. जल्द ही कहासुनी झगड़े में बदल गई. रिपोर्ट के मुताबिक़ संजय और सात साथियों ने जयेश को पीटना शुरू कर दिया. पुलिस के मुताबिक जयेश का सिर किसी दीवार पर पटका गया जिससे वह बेहोश हो गया. उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

उधर, पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक मामले में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि पटेल समुदाय के युवकों ने जयेश और उसके साथ के लोगों से कहा कि उन्हें गरबा देखने का कोई अधिकार नहीं है. पुलिस ने मृतक और आरोपितों के बीच किसी तरह की दुश्मनी से इनकार किया है. उसका कहना है कि जयेश की मौत क्षणिक उत्तेजना का नतीजा है. कुछ दिन पहले गुजरात के गांधीनगर जिले में दलित युवकों के साथ मारपीट की अलग-अलग घटनाएं हुई थीं. खबरों के मुताबिक राजपूत समुदाय के लोगों ने उनकी इसलिए पिटाई की थी कि उन्होंने मूंछ रखी हुई थी.