ट्रेन के डिब्बों में अब रिजर्वेशन चार्ट नजर नहीं आएंगे. रेलवे ने इस दिशा में पहल शुरू की है. इसका फिलहाल तीन महीने के लिए चेन्नई, नई दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरू में परीक्षण किया जाएगा.

दक्षिण रेलवे की चेन्नई डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द हिंदू से बातचीत में इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया, ‘ट्रेनों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने और कागज की बचत के मक़सद से यह पहली की जा रही है. और लोगों को इन दिनों वैसे भी अपने टिकट से संबंधित सभी जानकारियां उनके मोबाइल पर मिल रही हैं. प्रतीक्षा सूची के टिकट आख़िरी मौके पर कन्फर्म होते हैं तो उसका संदेश भी यात्री के मोबाइल पर भेजा जा रहा है. ऐसे में अब ट्रेनों में चार्ट चिपकाने की कोई ख़ास ज़रूरत भी नहीं है. इस व्यवस्था को ख़त्म कर देने से ज़्यादा मुश्किल भी नहीं होगी.’

हालांकि कुछ आवाज़ें इस व्यवस्था के ख़िलाफ भी हैं. मसलन उपभोक्ता मामलों के कार्यकर्ता टी सदागोपन कहते हैं, ‘ट्रेन के डिब्बों में रिजर्वेशन चार्ट न चिपकाने से काफी गड़बड़ हो जाएगी. ख़ास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए जिनका अब भी तकनीक से बहुत वास्ता नहीं होता. उनके लिए अब भी चार्ट की ज़रूरत है.’ वैसे यहां एक और तथ्य पर ग़ौर किया जा सकता है कि यही व्यवस्था रेलवे ने बीते मार्च में भी लागू करने की कोशिश की थी. लेकिन आम लोगों से मिली नकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बाद इसे लागू करने का फैसला वापस ले लिया गया.