राज्यपालों की नियुक्ति में तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) की अनदेखी किए जाने से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू नाराज़ बताए जा रहे हैं. डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक नायडू अपनी पार्टी के नेता एम नरसिंहुलु को राज्यपाल बनवाना चाहते थे. लेकिन चूंकि शनिवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने उन पांचों राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति कर दी है जहां ये पद खाली थे लिहाज़ा अब नरसिंहुलु के लिए फिलहाल कोई संभावना नहीं दिखती.

टीडीपी के नेता के मुताबिक, ‘नए नियुक्त राज्यपालों की सूची में नरसिंहुलु का नाम शामिल न होना हमारे लिए चिंता की बात है. भाजपा नेताओं ने ख़ुद नायडू को भरोसा दिया था कि नरसिंहुलु को राज्यपाल बनाया जाएगा. उनके नाम को सूची में शामिल कर लिया गया है. अभी कुछ समय पहले उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने मुख्यमंत्री से मुलाकात में इस बाबत साफ संकेत दिया था. लेकिन आख़िरी मौके पर उनका नाम शामिल नहीं किया गया.’

एक अन्य नेता के मुताबिक, ‘नरसिंहुलु के नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री नायडू ने ख़ुद किया था. वे उन्हें अपने साथ दिल्ली भी ले गए थे. इस यात्रा के दौरान उन्होंने नरसिंहुलु को प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलवाया भी था. भाजपा नेताओं से मिले भरोसे के आधार पर ही उन्होंने यह कवायद की. लेकिन भाजपा ने आश्वासन पूरा नहीं किया. इससे असंतोष होना तो स्वाभाविक ही है.’

सूत्र बताते हैं कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की ज़िम्मेदारी एक साथ संभाल रहे राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन को भी बदले जाने के कोई आसार नहीं हैं. ख़ासतौर पर जब तक केंद्र सरकार को उनका सही उत्तराधिकारी नहीं मिल जाता. और वैसे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नरसिम्हन के बीच तालमेल अच्छा बताया जाता है. ऐसे में यह संभावना और कम हो जाती है कि नरसिंहुलु को किसी राजभवन में तैनात किया जाएगा.