दुनिया में बुर्के पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों में ऑस्ट्रिया का नाम भी शामिल हो गया है. बीबीसी के मुताबिक ऑस्ट्रिया में सार्वजनिक जगहों पर पूरा चेहरा ढकने पर रोक लगाने वाला कानून प्रभावी हो गया है. इसके तहत माथे से लेकर ठोड़ी तक चेहरे को खुला रखना अनिवार्य बनाया गया है. इसमें बुर्के के अलावा नकाब, सर्जिकल मास्क और चेहरा छिपाने वाले विदूषकीय श्रृंगार पर भी रोक लगाई गई है.

ऑस्ट्रिया ने इसे अपने मूल्यों संरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम बताया है. हालांकि इसे वहां अक्टूबर के अंत में होने वाले आम चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक इससे देश की धुर दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी को लाभ मिलने की संभावना है. उधर, मुस्लिम समूहों ने इस कदम की निंदा की है. उनका कहना है कि ऑस्ट्रिया की बहुत कम मुस्लिम महिलाएं पूरा चेहरा ढकने वाले बुर्का का इस्तेमाल करती हैं. एक आकलन के मुताबिक पूरे आस्ट्रिया में केवल 150 महिलाएं ही पूरा चेहरा ढकने वाला बुर्का पहनती हैं. इस बीच पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इससे खाड़ी देशों से आने वाले पर्यटकों पर असर पड़ सकता है.

ऑस्ट्रिया से पहले 2011 में फ्रांस और बेल्जियम पूरा चेहरा ढकने वाले बुर्के पर प्रतिबंध लगा चुके हैं. वहीं नीदरलैंड की संसद भी ऐसे उपायों पर विचार कर रही है. इसी साल अप्रैल में जर्मनी की संसद के निचले सदन बुडस्टांग ने भी नौकरशाहों, जजों और सैनिकों के बुर्का पहनने पर रोक लगाने वाला कानून बनाने की बात कही थी. पिछले साल दिसंबर में जर्मनी की चांसलर अंगेला मेर्कल ने बुर्के पर प्रतिबंध लगाने की अपील की थी. तब उनका कहना था कि बातचीत के दौरान लोगों का चेहरा दिखाई देना जरूरी है.