आगरा में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को दशहरे के मौके पर हवा में फायरिंग करना महंगा पड़ा है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक आगरा पुलिस ने शनिवार को ऐतिहासिक किले के नजदीक फायरिंग करने वाले विहिप और बजरंग दल के 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने बताया है कि इनमें से 29 लोगों की पहचान भी हो गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला आगरा के किले के नजदीक एक मंदिर का है. बंदूक, पिस्तौल और तलवार से लैस समूह पर शनिवार को यहां पर न केवल हवा में फायरिंग करने, बल्कि समुदाय विशेष के खिलाफ नारेबाजी करने का भी आरोप है. इन्होंने अयोध्या में राम मंदिर बनाने की भी मांग की. आगरा के पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने पर्यटक स्थल के नजदीक हवा में फायरिंग को गंभीर मामला बताया है. उन्होंने कहा है कि वीडियो और तस्वीरों के आधार पर भड़काऊ नारेबाजी करने के अलावा फायरिंग करने वालों की पहचान की जाएगी. पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के मुताबिक हवा में गोली चलाने वालों के हथियारों के लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे.

हालांकि, विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय नेता हरीश पाराशर ने इसका बचाव किया है. उन्होंने कहा, ‘फायरिंग मंदिर परिसर में हुई थी, न कि किसी सार्वजनिक जगह पर.’ उन्होंने आगे कहा कि विजयदशमी के मौके पर आगरा के किले से काफी दूर हनुमान मंदिर में शस्त्र पूजन किया गया था जिसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था.