साल 2017 के लिए रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार बुधवार को रसायन के नोबेल पुरस्कार की चयन समिति ने क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी के अविष्कारकर्ता वैज्ञानिकों जाक डुबोशे, योआखिम फ्रैंक और रिचर्ड हेंडरसन के नामों की घोषणा की. इन वैज्ञानिकों की खोज के चलते जीवन की जटिल रचनाओं की ज्यादा विस्तृत तस्वीरें हासिल कर पाना संभव हुआ है. इस पुरस्कार के तहत इन तीनों वैज्ञानिकों को लगभग 11 लाख डॉलर दिए जाएंगे.

नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने इन वैज्ञानिकों द्वारा क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी की खोज को जैव-रसायन (बायोकेमिस्ट्री) क्षेत्र में नए युग की शुरुआत बताया है. उसके मुताबिक इससे शोधकर्ता न केवल किसी जैवकण (बायोमॉलीक्यूल) को उसकी आवाजाही के दौरान रोक सकते हैं, बल्कि उसकी पूरी प्रक्रिया देख सकते हैं जो पहले असंभव था. स्वीडिश एकेडमी ने इसे जीवन संबंधी रसायन शास्त्र की बुनियादी समझ बढ़ाने और आने वाले समय में दवाओं के विकास में निर्णायक खोज बताया है.

रिपोर्ट के मुताबिक तीनों वैज्ञानिकों ने क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी पर अलग-अलग समय में काम किया है. 1990 में स्कॉटलैंड में जन्मे रिचर्ड हेंडरसन ने इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप के जरिए एटॉमिक रिजोल्यूशन पर प्रोटीन का त्रिआयामी चित्र हासिल किया. इसके बाद योओखिम फ्रैंक और जाक डुबोशे ने इस तकनीक में और सुधार किया.