ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एचआईवी संक्रमण का पता लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता पाई है. इन वैज्ञानिकों ने स्मार्टफोन पर आधारित एक ऐसी अनोखी तकनीक विकसित की है जिससे मात्र 10 सेकेंड में ही एचआईवी संक्रमण की पुष्टि की जा सकती है. शोधकर्ताओं का दावा है कि उनकी यह तकनीक एचआईवी संक्रमण का पता लगाने के मामले में सबसे तेज काम करती है. इस तकनीक को विकसित करने के लिए ब्रिटेन के सर्रे विश्वविद्यालय में लंबे अरसे से एक शोध चल रहा था. इसमें ब्रिटेन के अलावा नीदरलैंड, जापान और दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिक शामिल थे.

इस शोध में शामिल सर्रे विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विंस एमेरी ने जानकारी दी है, ‘इस तकनीक के जरिए कोई भी व्यक्ति अपने खून की केवल एक बूंद से ही एचआईवी का पता लगा सकेगा. एचआईवी के अलावा इस पद्धति के जरिए जीका या इबोला वायरस की पहचान भी की जा सकती है.’ जाहिर है कि इससे खतरनाक बीमारियों की उनके बढ़ने से पहले ही पहचान की जा सकेगी. शोधकर्ताओं के मुताबिक इस टेस्ट में सर्फेस एकॉस्टिक वेव (एचएडब्लू) बायोचिप्स का इस्तेमाल किया जाता है. ये स्मार्टफोन में पाए जाने वाले माइक्रोइलेक्ट्रोनिक कंपोनेंट से विकसित की जा सकती हैं.

विशेषज्ञों की मानें तो यह नई खोज खासकर एचआईवी के इलाज में काफी अहम मोड़ साबित हो सकती है. वर्तमान में इस संक्रमण की पहचान के लिए कई तरह की जटिल प्रक्रियों से गुजरना होता है जिनमें अधिक समय लगता है और फिर उस हिसाब से इलाज भी देर से शुरू होता है.