जीएसटी लागू होने के बाद से छोटे-मझौले कारोबारियों के बीच इसको लेकर लगातार असंतोष बना हुआ है. यही वजह थी कि आज हुई जीएसटी परिषद की मीटिंग पर कारोबारियों के साथ-साथ आर्थिक जगत से जुड़े तमाम लोगों की नजरें थीं और सोशल मीडिया पर इसको लेकर लगातार अटकलें जारी थीं. जैसी कि उम्मीद थी जीएसटी परिषद ने कारोबारियों को कई मोर्चों पर राहत दी है. इसके साथ 26 वस्तुओं पर जीएसटी दर घटाई गई है. इनमें गुजरात में लोकप्रिय स्नैक खाखरा भी शामिल है. इस पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था अब इसे घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है. सोशल मीडिया में खासकर इस घोषणा को गुजरात चुनाव से जोड़ते हुए खूब मजेदार टिप्पणियां आई हैं. व्यंग्यकार आलोक पुराणिक ने फेसबुक पर लिखा है, ‘गुजरात चुनाव से पहले खाखरा पर जीएसटी कम हो गया है. एमपी चुनाव से पहले पोहा-जलेबी खाने वालों को सब्सिडी मिल सकती है.’ ट्विटर हैंडल‏ @dhongikaka चुटकी है, ‘इस दीवाली पर भक्त सोनपापड़ी की जगह खाखरा गिफ्ट में देंगे.’

पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड मामले में दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था का नाम सामने आया है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक एसआईटी की जांच में इस संगठन के पांच सदस्यों के गौरी की हत्या में शामिल होने का संदेह जताया गया है. इनमें चार के खिलाफ इंटरपोल ने साल 2009 के मडगांव ब्लास्ट मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया हुआ है. इस खबर के चलते आज ‘सनातन संस्था’ ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल रही. इस खबर को शेयर करते हुए प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया है, ‘इसके (सनातन संस्था के) सदस्य बमबारी और हत्याओं में शामिल रहे हैं और कई फरार हैं. फिर भी सरकार इसे संरक्षण देती है.’ इसके साथ ही यहां कई लोगों ने सनातन संस्था का बचाव करते हुए भी प्रतिक्रियाएं दी हैं.

सोशल मीडिया में इन दोनों खबरों पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

मुकुला | @mukss7

तो क्या हम सब लोग खाखरा, कटे हुए आम और बिना ब्रांड वाले नमकीन के लिए सांस रोके हुए थे?

रोफल रिपब्लिक | @i_theindian

पहली तिमाही में जीडीपी की विकास दर तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है, लघु-मध्यम उद्योग बंद हो रहे हैं, किसान मर रहे हैं और वित्त मंत्री खाखरा पर जीएसटी घटा रहे हैं!

मैथुन | @Being_Humor

खाखरा पर जीसटी पांच प्रतिशत होने पर गुजरातियों की प्रतिक्रिया

अनुराग प्रतीक | @anurag_pratik

जीएसटी घटाकर खाखरा और चपाती सस्ती कर दी है. अब सब्जी महंगी है तो खाखरे से चपाती या चपाती से खाखरा खाया जाए…

संदीप शिंदे | @Sanatan_Sandeep

बिना सूबत के सनातन संस्था पर आरोप लगाने वाले स्वयं को बुद्धिजीवी कहते हैं. यह वैचारिक आतंकवाद नहीं है तो क्या है?

लिंजे परेरा | @lindsaypereira

सनातन संस्था आतंकवादी संगठन नहीं है. और विजय माल्या भी ईमानदार करदाता हैं. और सलमान खान बहुत बढ़िया ड्राइवर हैं.