विदेश मामलों के राज्य मंत्री वीके सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़ पूर्व सेनाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने धर्म और जाति के नाम पर हमेशा देश को बांटने का काम किया है. वीके सिंह देहरादून के एक स्कूल में सेना, नेवी और वायु सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने धर्म के नाम पर पाकिस्तान को पैदा कर पहले देश का बंटवारा किया और आज़ादी के बाद उसने जाति के नाम पर वोटबैंक की राजनीति की.

उत्तराखंड के लोगों के राज्य छोड़कर नौकरियों की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने की बात स्वीकार करते हुए वीके सिंह ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें हालात सुधरने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ‘स्थानीय लोग पर्याप्त नौकरियां नहीं होने की वजह से प्रवास कर रहे हैं. लेकिन नई सरकार आने के बाद मुझे विश्वास है कि नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे जिससे उनके प्रवासन पर रोक लगेगी.’ वहीं, राज्य के चमोली ज़िले के बाराहोटी इलाक़े में चीनी घुसपैठ के सवाल पर वीके सिंह ने कहा कि चीन केवल अपने ही विवादित क्षेत्र में आता है और उससे आगे नहीं बढ़ता. उन्होंने कहा, ‘ये (बाराहोटी) 50 सालों से दोनों देशों के लिए विवादित क्षेत्र रहा है. यह तय किया गया है कि यहां सैन्य गतिविधि नहीं की जाएगी और ऐसा ही किया जा रहा है.’

हालांकि कार्यक्रम में वीके सिंह को छात्रों के तीखे सवालों का भी सामना करना पड़ा. न्यूज़ 18 के मुताबिक़ सेना के इतिहास पर शोध कर रहे छात्रों ने सेना में महिलाओं की भूमिका और डोकलाम विवाद के दौरान स्वतंत्र रक्षा मंत्री नहीं होने को लेकर उनसे सवाल किए. एक छात्रा ने पूछा कि सेना में महिलाएं मेडिकल, इंजीनियरिंग क्षेत्र में जा सकती हैं लेकिन पैदल सेना (इन्फेंट्री कोर) में क्यों नहीं जा सकतीं. इस पर वीके सिंह ने केवल इतना कहा कि भविष्य उज्जवल है. एक और छात्रा ने पूछा कि डोकलाम विवाद के दौरान और जब पाकिस्तान युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा था तो उस समय सरकार ने स्वतंत्र रक्षा मंत्री चुनने में देर क्यों की. इस पर वीके सिंह ने ‘देर आए दुरुस्त आए’ कहकर सवाल टाल दिया.