संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतेरेस ने कहा है कि भारत के छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में नक्सली लड़ाई में बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं. द हिंदू के मुताबिक़ सैन्य संघर्षों में बच्चों की स्थिति को लेकर 2016 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट में गुतेरेस ने कहा कि उन्हें इन दोनों राज्यों में सशस्त्र समूहों द्वारा बच्चों को भर्ती करने की रिपोर्टें लगातार मिल रही हैं. हालांकि उनका कहना था कि ऐसे राज्यों का आंकड़ा गिरा है. पिछले साल जारी की गई 2015 की रिपोर्ट में तत्कालीन यूएन महासचिव बान की मून ने बताया था कि भारत के छह राज्यों में नक्सली बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें कई तो सिर्फ छह साल के हैं.

गुतेरेस के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के 30 स्कूलों को हथियारबंद उग्र समूहों ने जला दिया है या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है. इसके अलावा उन्होंने कहा है कि इन स्कूलों के भवनों के सेना द्वारा इस्तेमाल की खबरें भी सामने आई हैं. गुतेरेस ने कहा कि अपनी रिपोर्ट में उन्होंने भारत सरकार से ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए कहा है जिससे बच्चों को इस तरह की भर्तियों से बचाया जा सके, साथ ही पहले से भर्ती बच्चों को इन समूहों से अलग किया जा सके. उन्होंने कहा, ‘हथियारबंद माओवादी समूहों के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षाबलों के अभियानों में बच्चे लगातार मारे जाते या घायल होते हैं.’

यूएन महासचिव ने बताया कि माओवादी छत्तीसगढ़ में चल रहे अपने कई स्कूलों में बच्चों को युद्ध प्रशिक्षण दे रहे हैं. गुतेरेस ने यह भी बताया कि कुछ अपुष्ट रिपोर्टों के मुताबिक़ शायद पुलिस उन बच्चों का बतौर मुख़बिर इस्तेमाल कर रही है जो औपचारिक रूप से हथियारबंद समूहों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि इससे उनके नक्सलियों के जवाबी हमलों का निशाना बनने की संभावना है.