जामनगर से अपनी दो दिवसीय गुजरात यात्रा की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती के फायदे गिनाए. उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल के फैसले से इस बार दीवाली 15 पहले आ गई है. शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल ने लगभग 26 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की है. इसमें खाने-पीने से लेकर स्टेशनरी जैसे उत्पाद शामिल हैं. इसके अलावा जीएसटी रिटर्न भरने को लेकर परेशान छोटे कारोबारियों को भी राहत दी गई है. अब 1.5 करोड़ रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को हर महीने तीन रिटर्न भरने की जगह पर तीन महीने में एक ही रिटर्न भरना होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक विकास घटने से निवेश प्रभावित होने के दावों को भी खारिज किया. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया का ध्यान भारत पर है, निवेशक आ रहे हैं जो भारतीयों के लिए अच्छे अवसर लाएगा. उनका कहना था कि अगर लोगों का सरकार में भरोसा है और सरकार ईमानदारी के साथ नीति बनाती है तो उसे जन समर्थन जरूर मिलता है.

शनिवार को प्रधानमंत्री ने द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना भी की. इसके बाद उन्होंने यहां ओख और बेत द्वारका के बीच एक पुल का शिलान्यास किया. एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह पुल लोगों को केवल बेत द्वारका से नहीं बल्कि इतिहास और संस्कृति से भी जोड़ने का काम करेगा.

पर्यटन क्षेत्र के विकास को जरूरी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘इसके विकास को अलग-थलग नहीं रखा जा सकता है. अगर गिर में ज्यादा पर्यटक चाहते हैं तो हमें पर्यटकों को द्वारका जैसी अन्य जगहों को देखने के लिए भी प्रेरित करना होगा.’ उन्होंने ब्लू इकॉनॉमी (मत्स्य उद्योग) को बढ़ावा देने के तहत मछुआरों को कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने का भी आश्वासन दिया. मछुआरों की सुरक्षा को जरूरी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मरीन पुलिस के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण के लिए देवभूमि द्वारका में एक संस्थान बनाया जाएगा.