भारत-बांग्लादेश सीमा पर चौकसी के बावजूद रोहिंग्या मुसलमानों के अवैध रूप से भारत पहुंचने के पीछे आपराधिक गिरोहों की भूमिका मानी जा रही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाया है. इसकी जानकारी देते हुए शुक्रवार को बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश सीमा पर ऐसी 140 जगहों की पहचान की है, जहां से रोहिंग्याओं को भारत में दाखिल कराया जा सकता है. उन्होंने बताया कि रोहिंग्या मुसलमानों को भारत आने से रोकने के लिए बांग्लादेश सीमा पर 140 चौकियों पर अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के अलावा उपकरणों को लगाया गया है.

बीएसएफ महानिदेशक केके शर्मा के मुताबिक रोहिंग्या शरणार्थी बगैर किसी की मदद लिए बांग्लादेश से भारत नहीं आ सकते. उन्होंने कहा कि वे (रोहिंग्या) दोनों तरफ के आपराधिक गिरोहों को तलाश करते हैं जो उन्हें भारत आने में मदद करते हैं. केके शर्मा ने बताया कि इन गिरोहों की पहचान कर इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसएफ अपनी सहायक एजेंसियों के अलावा खुफिया एजेंसियों की भी मदद ले रही है.

शुक्रवार को बीएसएफ प्रमुख केके शर्मा ने बांग्लादेश के अपने समकक्ष के साथ इस मुद्दे पर बैठक भी की. बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के प्रमुख अब्दुल हुसैन के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों के आने से दोनों पक्ष इस मुद्दे की गंभीरता को समझ रहे हैं. केके शर्मा ने बताया कि बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश ने रोहिंग्या मुसलमानों को भारत आने से रोकने के लिए निगरानी चौकी बनाने का आश्वासन दिया है. भारत में अभी 40 हजार से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान हैं, जिन्हें सरकार ने अवैध प्रवासी बताया है और वापस म्यांमार भेजने की बात कही है.