नरेंद्र मोदी मुझसे भी बड़े अभिनेता हैं : प्रकाश राज | सोमवार, 02 अक्टूबर 2017

अभिनेता प्रकाश राज ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है. बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री की इस मुद्दे पर चुप्पी की वजह से अपने पांचाें राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाने की धमकी दी है. दक्षिणपंथी विचारधारा की आलोचक गौरी लंकेश की पिछले महीने बेंगलुरू में उन्हीं के घर के बाहर गोली मारकर हत्या दी गई थी. इस मामले में फिलहाल अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है.

समाचार पत्र डेक्कन क्रोनिकल की एक खबर के मुताबिक प्रकाश राज रविवार को बेंगलुरू में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन आॅफ इंडिया (डीवाईएफआई) की 11वें राज्य सम्मेलन को संबोधित करने आये थे. अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘गौरी लंकेश को किसने मारा यह अभी नहीं पता चला है. लेकिन, सोशल मीडिया पर भारी भीड़ इसका जश्न मना रही है. हम सभी जानते हैं कि वे कौन हैं, उनकी विचारधारा क्या है. इस भयावह घटना का जश्न मनाने वाले कुछ लोगों को मोदी जी खुद फॉलो करते हैं... इसी से मुझे चिंता होती है, हमारा देश कहां जा रहा है?’

अनिल अंबानी की आरकॉम पर दिवालिया होने का खतरा बढ़ा, एयरसेल के साथ विलय की बातचीत असफल | मंगलवार, 03 अक्टूबर 2017

कर्ज से उबरने की कोशिशों में जुटी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) अब अपने कारोबार का विलय एयरसेल के साथ नहीं कर पाएगी. इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच चल रही बातचीत टूट गई है. अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली आरकॉम के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है. इससे कर्ज चुकाने की कंपनी की क्षमता पर संदेह और गहरा गया है. इस खबर से मंगलवार को शेयर बाजार में कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर 10 फीसदी से भी ज्यादा गिर गए.

इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार आरकॉम पर अभी करीब 44 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. इसे चुकाने के लिए उस पर बैंकों का भारी दबाव है. हालांकि बैंकों ने कुछ शर्तों पर इसे अस्थायी राहत दी हुई है. कंपनी की योजना अपनी दूरसंचार कंपनी का एयरसेल के साथ विलय कर 25,000 करोड़ रु जुटाने की थी. एयरसेल मलेशिया की मैक्सिस की सहयोगी कंपनी है. आरकॉम अपने मोबाइल टावर के कारोबार की हिस्सेदारी को भी कनाडा की ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट नाम की कंपनी को बेचने जा रही है. कंपनी ने बातचीत टूटने की वजह नियमन संबंधी अड़चन और कानूनी अनिश्चितताओं को बताया है.

रोहिंग्याओं की बांग्लादेश और पाकिस्तान से आ रहे शरणार्थियों से तुलना नहीं हो सकती : केंद्र | बुधवार, 04 अक्टूबर 2017

मोदी सरकार का कहना है कि रोहिंग्या मुसलमानों की बांग्लादेश और पाकिस्तान छोड़कर भारत आ रहे लोगों से तुलना नहीं हो सकती. गृह मंत्रालय ने रोहिंग्या मुसलमानों को वापस म्यांमार भेजने के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई एक याचिका पर अपने जवाब में यह बात कही है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ सरकार का कहना है कि रोहिंग्याओं को वापस भेजने का फ़ैसला कार्यपालिका ने कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लिया है. इनमें आंतरिक सुरक्षा को संभावित खतरा, अवैध शरणार्थियों की संख्या और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ रहा बुरा असर शामिल हैं.

गृह मंत्रालय ने कहा कि अलग-अलग तरह के शरणार्थियों के मामलों को अलग-अलग तरीके से देखा जाता है इसलिए बांग्लादेश या पाकिस्तान से आए शरणार्थियों और रोहिंग्याओं को एक तराजू में नहीं तौला सकता. याचिका में ग़ैर-नागरिकों के मौलिक अधिकारों के दावे पर सरकार ने कहा कि ऐसे अधिकार केवल उन लोगों के लिए हैं जो वैध दस्तावेज़ों पर भारत में हैं. मंत्रालय ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की होगी जिसमें हज़ारों लोग देश में बिना वैध दस्तावेज़ों के अवैध रूप से घुसेंगे और ग़ैर-नागरिकों के नाम पर मौलिक अधिकारों का सफ़ाया करते रहेंगे.

अखिलेश यादव दोबारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए | गुरुवार, 05 अक्टूबर 2017

समाजवादी पार्टी (सपा) को अपने नियंत्रण में लेने के लगभग 10 महीने बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव दोबारा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए. सपा के वरिष्ठ नेता और अखिलेश यादव के करीबी रामगोपाल यादव ने गुरुवार को आगरा में पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में लिए गए इस फैसले की जानकारी दी. इसके साथ सपा ने अपने संविधान में बदलाव करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकाल को तीन साल से बढ़ाकर पांच कर दिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश यादव को पांच साल के लिए जिम्मेदारी देकर सपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह 2019 का आम चुनाव और 2022 का विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ेगी. हालांकि, इस अधिवेशन में अखिलेश यादव के पिता और पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव शामिल नहीं हुए. इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इन दोनों नेताओं ने उन्हें फोन पर बधाई दी है.

जीएसटी पर निर्यातकों से लेकर छोटे कारोबारियों और आम लोगों तक सबको राहत | शुक्रवार, 06 अक्टूबर 2017

जीएसटी परिषद की शुक्रवार को हुई 22वीं बैठक में सरकार ने छोटे कारोबारियों को राहत देने वाले कई कदमों का ऐलान किया है. इसके तहत रिटर्न भरने में परेशानियों का सामना कर रहे छोटे कारोबारियों को सरकार ने राहत दी है. अब 1.5 करोड़ रु सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को हर महीने तीन रिटर्न भरने के बजाय तीन महीने में एक बार रिटर्न भरना होगा. वहीं अब ‘कम्पोजिशन स्कीम’ की उच्चतम सीमा 75 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है. सरकार ने आज निर्यातकों को भी बड़ी राहत दी है.

कंपोजिशन स्कीम के तहत छोटे कारोबारियों को उनके कारोबार का एक से पांच फीसदी कर देकर लंबी प्रक्रिया से बचने का विकल्प दिया गया है. इसके तहत कारोबारियों को एक, विनिर्माताओं को दो और रेस्टोरेंट कारोबारियों को पांच फीसदी कर देना होता है. इसके बाद वे जीएसटी की लंबी प्रक्रिया का पालन करने से मुक्ति मिल जाती है. सितंबर अंत तक करीब 15 लाख कारोबारियों ने इस योजना को चुना है. जीएसटी परिषद ने ये भी फैसला लिया है कि दो लाख रु तक के सोने की खरीद पर अब पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी.

इस बार अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के दावेदारों में रघुराम राजन भी शामिल हैं! | शनिवार, 07 अक्टूबर 2017

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन इस साल के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के लिए संभावित दावेदारों में शामिल हैं. अकादमिक और वैज्ञानिक अनुसंधानों का विश्लेषण करने वाली अंतरराष्ट्रीय फर्म क्लैरिवेट ऐनालिटिक्स ने यह दावा किया है. कंपनी ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के संभावित छह दावेदारों की जो सूची तैयार की है उसमें रघुराम राजन का भी नाम शामिल है. सोमवार को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में इस अवॉर्ड की घोषणा की जानी है. यह सम्मान हर साल अर्थशास्त्र सहित छह क्षेत्रों में दिए जाते हैं.

वॉल स्ट्रीट जनरल के अनुसार रघुराम राजन को कॉरपोरेट फाइनेंस के क्षेत्र में काम के लिए इन दावेदारों में शामिल किया गया है. हालांकि उनकी दावेदारी कितनी पुख्ता है, इसके बारे में फर्म ने कोई रैंकिंग तैयार नहीं की है. रघुराम राजन दुनिया के बड़े अर्थशास्त्रियों में गिने जाते हैं. वे 2013 से 2016 तक आरबीआई के गवर्नर रह चुके हैं. इससे पहले रघुराम वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार थे. वे आईआईटी दिल्ली और आईआईम अहमदाबाद के छात्र रह चुके हैं. फिलहाल वे शिकागो में प्रोफेसर हैं.