अमेरिका के लास वेगस में अंधाधुंध गोलीबारी, 58 की मौत | सोमवार, 02 अक्टूबर 2017

अमेरिका के लास वेगस में हुई गोलीबारी की एक घटना में 58 लोगों की मौत हुई जबकि क़रीब 200 लोग घायल हुए. बीबीसी के अनुसार रविवार रात को मंडाले बे नाम के एक होटल में आयोजित संगीत कार्यक्रम के दौरान एक बंदूकधारी ने होटल की 32वीं मंजिल से अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं. ख़बरों के मुताबिक़ स्थानीय समयानुसार रात साढ़े दस बजे गोलीबारी शुरू हुई. चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने सैकड़ों गोलियां चलने की आवाज़ सुनी. हालाँकि, पुलिस ने गोली चलाने वाले 64 वर्षीय व्यक्ति को जल्द ही मार गिराया, जो लास वेगास का ही रहने वाला है.

बीते जुलाई में भी अमेरिका में गोलीबारी की एक घटना में कम से कम 17 लोग घायल हो गए थे. यह वारदात अरकंसास राज्य के एक क्लब में हुई थी. इससे पहले ऐसी ही एक घटना में सत्ताधारी रिपब्लिक पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद घायल हो गए थे. अमेरिका में बंदूक रखना नागरिकों का मौलिक अधिकार है इसलिए लोगों के पास बंदूकें होना आम बात है. काफी समय से वहां बंदूक संस्कृति पर लगाम लगाने की कोशिशें चल रही हैं. लेकिन हथियार निर्माताओं और उनके समर्थकों की लॉबी के काफी मजबूत होने के कारण ये कोशिशें हर बार आधे रास्ते में अटक जाती हैं.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ फिर पीएमएल-एन के मुखिया चुन लिए गए हैं | मंगलवार, 03 अक्टूबर 2017

भ्रष्टाचार के आरोपों की वज़ह से नवाज शरीफ को पाकिस्तान के शासन प्रमुख (प्रधानमंत्री) की गद्दी भले छोड़नी पड़ी हो, लेकिन अपनी पार्टी पर उनकी पकड़ कायम है. उन्हें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन) ने मंगलवार को फिर मुखिया चुन लिया है. हालांकि उनके इस बार पार्टी प्रमुख बनने का रास्ता देश की संसद ने साफ किया है जहां पीएमएल-एन को बहुमत हासिल है.

इसी 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने नवाज़ शरीफ को विदेश में काला धन जमा करने का दोषी मानते हुए संसद की सदस्यता के अयोग्य ठहरा दिया था. इसके बाद नवाज़ की प्रधानमंत्री की कुर्सी तो गई ही उन्हें पार्टी प्रमुख का पद भी छोड़ना पड़ा. क्योंकि अदालत से अयोग्य ठहराया गया व्यक्ति काननून यह पद भी नहीं संभाल सकता था.

लेकिन नेशनल असेंबली ने इसी सोमवार को विवादास्पद निर्वाचन अधिनियम-2017 पारित किया. इसमें यह प्रावधान कर दिया गया कि अदालत से किसी मामले में अयोग्य ठहराया गया नेता भी पार्टी प्रमुख का पद संभाल सकता है. विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित इस कानून पर राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने भी आनन-फानन में दस्तख़त कर दिए.

लंदन में विजय माल्या फिर गिरफ्तार, तुरंत जमानत भी मिली | बुधवार, 04 अक्टूबर 2017

सरकारी बैंकों के करीब नौ हजार करोड़ रुपये का कर्ज न लौटाने के मामले में ब्रिटेन भाग गए शराब कारोबारी विजय माल्या को लं​दन पुलिस ने एक बार फिर गिरफ्तार किया है. हालांकि अदालत ने थोड़ी देर बाद ही उन्हें जमानत भी दे दी. उन्हें इस साल दूसरी बार गिरफ्तार किया गया. वे इससे पहले अप्रैल में भी गिरफ्तार हो चुके हैं. उस वक्त भी उन्हें उसी दिन जमानत मिल गई थी.

विजय माल्या ने अपनी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले समूह से छह हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. बाद में उन्होंने अपनी कंपनी को दिवालिया घोषित करते हुए बैंकों को बताया कि वे अब कर्ज लौटाने में असमर्थ हैं. इस मामले में उन पर आरोप है कि उन्होंने कर्ज की रकम को मुखौटा कंपनियों की आड़ लेकर दूसरे देशों में भेज दिया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले की जांच कर रहे हैं. ईडी ने ही ब्रिटेन में माल्या के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग मामले में केस दर्ज कराया है. ये एजेंसियां जल्दी ही लंदन के वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट कोर्ट में माल्या खिलाफ आरोपपत्र दायर करेंगी.

पाकिस्तान के परमाणु स्थलों पर भारत के हमले के बाद हमसे संयम की उम्मीद न रखी जाए : ख्वाजा आसिफ | गुरुवार, 05 अक्टूबर 2017

भारतीय वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ के बयान पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है, ‘कल (गुरुवार) को भारत के वायु सेना प्रमुख ने कहा कि हम एक अन्य सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाएंगे. अगर ऐसा होता है तो किसी को भी हमसे संयम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.’ ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि यह सबसे उचित राजनयिक भाषा है, जिसका इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान ने अपना पक्ष रखा है.

गुरुवार को भारतीय वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा था कि भारतीय वायु सेना सीमा पार परमाणु हथियारों को चिन्हित करने और उन्हें निशाना बनाने में सक्षम है. उन्होंने यह बात पाकिस्तान द्वारा भारत को ध्यान में रखकर विकसित किए जा रहे कम दूरी के परमाणु हथियारों से निपटने के सवाल पर कही थी. इसके साथ बीएस धनोआ ने यह भी कहा था कि भारत एक साथ चीन और पाकिस्तान दोनों से लड़ने में सक्षम है.

दुनिया को परमाणु हथियार मुक्त बनाने के अंतरराष्ट्रीय अभियान को शांति का नोबेल पुरस्कार | शुक्रवार, 06 अक्टूबर 2017

परमाणु हथियारों को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय अभियान इंटरनेशनल कैंपेन टू एबोलिश न्यूक्लियर वेपन्स (आईसीएएन या आईकैन) को साल 2017 के शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है. आईकैन 100 से ज्यादा देशों के गैर-सरकारी संगठनों का समूह है. नार्वे स्थित नोबेल पुरस्कार की चयन समिति ने कहा है कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के विनाशकारी परिणामों की तरफ दुनिया का ध्यान खींचने और अंतरराष्ट्रीय संधि के जरिए इनके इस्तेमाल पर रोक लगाने के प्रयासों के लिए इस संस्था को चुना गया है.

शुक्रवार को ओस्लो में इसकी घोषणा करते हुए चयन समिति ने कहा कि आईकैन अंतरराष्ट्रीय संधि के जरिए परमाणु हथियारों पर रोक लगाने की मांग करने वाली दुनिया की प्रमुख संस्था है. उसने आगे कहा कि परमाणु हथियार मुक्त दुनिया का लक्ष्य हासिल करने के अगले कदम के तहत परमाणु हथियार संपन्न देशों को इसमें शामिल किया जाना चाहिए. चयन समिति ने 2017 के शांति के नोबेल पुरस्कार को परमाणु हथियार संपन्न देशों से दुनिया के 15 हजार परमाणु हथियारों को धीरे-धीरे खत्म करने की अपील बताया है. आईसीएएन की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से की गई थी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा 2007 में वियना में की गई. यह 100 से ज्यादा जमीनी संगठनों का समूह है.

रूस ने सीरिया में 180 जिहादियों और आतंकियों को मारने का दावा किया | शनिवार, 07 अक्टूबर 2017

रूस ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) को बड़ी चोट पहुंचाने का दावा किया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक शनिवार को रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में किए गए हवाई हमलों में सीरिया में 120 जिहादी और 60 विदेशी आतंकी मारे गए हैं. रूस ने आईएस के तीन कमांडरों उमर अल-शिशानी, अला अल-दिन अल शिशानी और सलाह अल-दिन अल शिशानी के मारे जाने की बात कही है. हालांकि, उमर अल-शिशानी को अमेरिका 2016 में ही इराक में मार गिराने का दावा कर चुका है.

रूस ने आईएस को सीरिया में उसके आखिर गढ़ मयादीन में निशाना बनाया है. रूस ने यहां पर आईएस के 80 और अल्बु कमाल में 40 जिहादियों को मार गिराने की बात कही है. एक अन्य हवाई हमले में डेर इज-जोर के दक्षिण में फरात घाटी में 60 विदेशी आंतकी भी मारे गए हैं जो पूर्व सोवियत संघ, ट्यूनीशिया और मिस्र के रहने वाले थे. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ये सभी आतंकी इराक से सीरिया के सीमावर्ती शहर अल्बु कमाल जा रहे थे.