सुप्रीम कोर्ट पूर्व न्यायाधीश भी अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष बन सकेंगे. द हिंदू की ख़बर के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बाबत एक प्रस्ताव मंत्रिमंडल की मंज़ूरी के लिए तैयार किया है.

ख़बर के मुताबिक एनएचआरसी के सदस्याें की नियुक्ति के मामले में भी नियमों में बदलाव किया जा रहा है. उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीशों में से भी किसी को एनएचआरसी का सदस्य बनाया जा सकता है. जबकि अभी सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय के मौज़ूदा या पूर्व न्यायाधीशों को ही आयोग का सदस्य बनाया जाता है. जबकि आयोग के अध्यक्ष के तौर पर सिर्फ शीर्ष अदालत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को ही नियुक्ति दी जाती है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए बताया, ‘एनएचआरसी के ही आग्रह पर ये बदलाव किए गए हैं. ये नियम अंतर्राष्ट्रीय नियमों के भी मुताबिक हैं. कुछ परिवर्तन कानून में किए जा रहे हैं. ताकि एनएचआरसी में नियुक्ति के लिए पात्र लोगों का दायरा बढ़ाया जा सके.’ ग़ौरतलब है कि एनएचआरसी का गठन 1993 के मानवाधिकार कानून के तहत किया गया था. इस कानून में 2006 में एक बार संशोधन हो चुका है.