देश के उच्च वर्ग के परिवारों द्वारा ग़रीबों के बच्चे ख़रीदने का मामला सामने आया है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ मुंबई के वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस ने पिछले महीने बच्चा बेचने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में 29 साल की जूलिया फ़र्नांडिस को गिरफ़्तार किया गया है जिसने मुंबई के ही एक डॉक्टर, बेंगलुरु के एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर और ठाणे स्थित एक स्त्रीरोग विशेषज्ञ दंपती को तीन बच्चे बेचे थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया है कि तीनों बच्चों को बेचने वाले माता-पिता और ख़रीदारों की पहचान हो चुकी है और सभी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. जूलिया ने इन बच्चों को उनके ग़रीब माता-पिता से कम दाम में ख़रीदा और चार से साढ़े चार लाख रुपये में बेचा था.

सूत्रों ने अख़बार को बताया है कि बेंगलुरु के इंजीनियर ने जूलिया से साढ़े चार लाख रुपये में एक बच्चा ख़रीदा था, जबकि ठाणे के डॉक्टर दंपती ने इसके लिए चार लाख रुपये दिए थे. मुंबई के डॉक्टर ने बच्चा ख़रीदने के लिए कितने पैसे दिए इसका पता नहीं चल सका है. सूत्रों के मुताबिक उसकी कोई संतान नहीं है और वह जूलिया को पहले से जानता था. जानकारी के मुताबिक़ बच्चा ख़रीदने के लिए उसने अन्य दो ख़रीदारों से कम रक़म दी थी, क्योंकि जूलिया उसकी पेशेंट थी.

इस मामले की मुख्य आरोपित आरोपी जूलिया मुंबई के वर्ली इलाके में रहती थी. उसने हाल ही में मुन्ना शेख और उसकी पत्नी शाज़िया से उनका सात दिन का बेटा महज़ 20 हज़ार रुपये में ख़रीदा था. वह इस बच्चे को डेढ़ लाख रुपये में बेचने वाली थी लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ‘बच्चे को शिशु केंद्र भेज दिया गया है और उसके पिता शेख़ को गिरफ़्तार कर लिया गया है. शेख ने बताया है कि उस पर क़र्ज़ा था और वह एक लाख रुपये का लोन चुकाना चाहता था.’

मुंबई पुलिस ने बच्चे बेचने और ख़रीदने वाले दूसरे लोगों की तलाश में बेंगलुरु और दिल्ली में टीमें भेजी हैं.