दिल्ली हाई कोर्ट ने राजनीतिक दलों के विदेशी चंदे की जांच कराने के मामले में केंद्र सरकार की हीलाहवाली देखते हुए सख्त रुख अपना लिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सोमवार को गृह मंत्रालय को छह हफ्ते का अतिरिक्त समय देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच ने कहा कि यह पिछले आदेश का पालन करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिला आखिरी मौका है.

दिल्ली हाई कोर्ट गैर-सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. इस साल की शुरुआत में लगाई गई इस याचिका में एडीआर ने केंद्र सरकार पर अदालत की अवमानना करने का आरोप लगाया है. 2014 में दिल्ली हाई कोर्ट ने पाया था कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ब्रिटेन स्थित कंपनी वेदांता रिसोर्सेज की भारतीय सहायक कंपनियों से चंदा लेकर फॉरेन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) का उल्लंघन किया है. एफसीआरए की धारा-4 राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों पर विदेशों से चंदा लेने पर रोक लगाती है. दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्रीय गृह मंत्रालय को छह महीने के भीतर राजनीतिक दलों के खातों की जांच करने और उन पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था.

हालांकि, इस दौरान केंद्र ने हाई कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. जुलाई में भी हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के रवैए पर सवाल उठाया था. अदालत ने पूछा था कि आखिर केंद्र सरकार इस मामले में कोई कदम क्यों नहीं उठाना चाहती. अदालत ने तब इस मामले में कार्रवाई करने के लिए केंद्र को छह हफ्ते का समय दे दिया था.