जीएसटी (वस्तु और सेवा कर) के विरोध और अन्य मांगों के समर्थन में देश भर के लाखों ट्रक रविवार आधी रात से दो दिनों के हड़ताल पर चले गए हैं. ट्रक आॅपरेटरों ने यह भी धमकी दी है कि इसके बाद भी उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे एक हफ्ते बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. दीवाली का मौका होने के चलते आशंका जताई जा रही है कि इससे कारोबारियों और आम लोगों को काफी दिक्कतें हो सकती हैं.

ट्रक ऑपरेटरों के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) की मांग है कि जीएसटी के तहत पुराने ट्रक की बिक्री पर लगने वाले 28 फीसदी कर को खत्म किया जाए. इसके अलावा वह डीजल के दाम में हो रहे रोजाना बदलावों का भी विरोध कर रहा है. एआईएमटीसी का दावा है कि पेट्रोलियम उत्पादों के रोजाना तय होने वाले नियमों से डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे उन्हें और आम लोगों को नुकसान हो रहा है. इसलिए वे इन उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर रहे हैं. ट्रक मालिकों की मांग है कि डीजल के दाम में कम से कम 20 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती होनी चाहिए. संगठन ने दावा किया है कि इस हड़ताल में देश भर के करीब 93 लाख ट्रक शामिल हैं.