केरल के कथित लव जिहाद मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अजीब स्थिति देखने को मिली. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने अचानक ही सुनवाई रोक दी. ऐसा तब हुआ जब याचिकाकर्ता के वकील दुष्यंत दवे ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर मामले को लेकर केरल में राजनीति करने का आरोप लगाया. बेंच ने दवे के बयान पर ऐतराज़ जताया और कहा, ‘हम आज आपको नहीं सुनेंगे. आप सुप्रीम कोर्ट में हैं. आप (सुनवाई में) हर तरह के लोगों का नाम ले रहे हैं. आप संविधान के दायरे में रहकर सवाल करें.’

बेंच में न्यायाधीश दीपक मिश्रा के साथ न्यायाधीश एएम खानविलकर और न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूण भी थे. बहस के दौरान दवे ने कहा कि यह मामला काफ़ी संवेदनशील है. उन्होंने कहा, ‘हमें बीजेपी या सीपीएम की राजनीति में रुचि नहीं है कि वे क्या करती हैं. आपसी रज़ामंदी से हुई शादियों के मामले में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. इस तरह की शादियां हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा रही हैं.’ इसके बाद दुष्यंत दवे नेभाजपा अध्यक्ष अमित शाह और योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए कहा कि वे केरल में रैली कर लव जिहाद को लेकर बयान देते हैं. इस पर जस्टिस चंद्रचूण ने कहा, ‘हम आपको सुनने के लिए तैयार हैं. आप एक वरिष्ठ वकील हैं. लेकिन इस तरह मत बोलिए.’

केरल के इस चर्चित मामले में राज्य के हाई कोर्ट ने ने एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी को रद्द कर दिया था. अदालत ने इसे लव जिहाद का मामला बताया था. सुप्रीम कोर्ट इस फैसले की समीक्षा कर रहा है.

दवे के बयान को लेकर एनआईए की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा, ‘उनके (दुष्यंत दवे) बात करने का एक तरीक़ा है. वे चिल्लाते हैं और दूसरों को धमकाते हैं.’ खबर के मुताबिक मनिंदर सिंह की इस बात पर दवे ने कहा, ‘मैं ऐसा कोर्ट के अंदर करता हूं, आपकी सरकार की तरह बाहर नहीं करता.’ इसके बाद दोनों व्यक्तियों के बीच बहस बढ़ गई. मनिंदर सिंह ने दवे की टिप्पणियों को ‘निंदनीय’ और ‘अक्षम्य’ बताया तो दवे ने सरकार पर मामले का ‘राजनीतिक इस्तेमाल’ करने का आरोप लगा दिया. इस पर कोर्ट ने कहा कि उसे राजनेताओं पर टिप्पणी नहीं करनी है. जस्टिस चंद्रचूण ने कहा कि कोर्ट सुनवाई को इन सबसे दूर रखता है.

लेकिन दुष्यंत दवे अपनी बात कहते रहे. उन्होंने कोर्ट से पूछा कि क्या उन्हें यह कहने का अधिकार नहीं है कि राजनीतिक पार्टियां मामले का इस्तेमाल कर रही हैं. कोर्ट ने कहा कि इस मामले के सुनवाई के लिए कई केसों को स्थगित किया गया था, लेकिन जो कुछ भी हुआ उसके बाद आज इसकी और सुनवाई नहीं होगी. दुष्यंत दवे के बयान पर मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि उन्होंने (दवे) अपनी बातों से अपना केस बिगाड़ लिया है. इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी. अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी.