दिल्ली मेट्रो के किराए में बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे निजी टैक्सी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा, ‘वे (केंद्र) मेट्रो को निजी टैक्सियों के मुकाबले महंगा बना देना चाहते हैं ताकि लोगों को मेट्रो की जगह टैक्सी इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जा सके.’ उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कार्पोरेट कंपनियों के हाथों बिक चुकी है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र पर रेलवे की तरह यातायात के दूसरे साधनों को बर्बाद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘अगर केंद्र मेट्रो नहीं चला सकता है तो इसे हमें सौंप सकता है.’ मेट्रो की आमदनी बढ़ाने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना था कि मेट्रो अपनी संपत्तियों और विज्ञापन की जगहों का बेहतर इस्तेमाल करके आमदनी बढ़ा सकता है.

दिल्ली सरकार ने दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाने का विरोध किया और केंद्र से दखल देने की मांग की थी. इस पर केंद्र सरकार ने कहा था कि अगर दिल्ली सरकार मेट्रो को सालाना 3,000 करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हो तो किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी को रोका जा सकता है. इसके बाद दिल्ली सरकार ने सालाना 1,500 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा था और बाकी के 1,500 करोड़ रुपये केंद्र से देने की अपील की थी. हालांकि, इस पर बात आगे नहीं बढ़ पाई थी. दिल्ली मेट्रो ने छह महीने में दूसरी बार किराया बढ़ा दिया है. मंगलवार से लागू नई दरों की वजह से मेट्रो अधिकतम किराया 50 रुपये से बढ़कर 60 रुपये हो गया है.