बहुचर्चित सेबी-सहारा विवाद में सहारा समूह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अवमानना याचिका लगाई है. इसमें सेबी ने कहा है कि सहारा समूह पुणे स्थित अपनी एंबी वैली सिटी परियोजना की नीलामी में बाधा डाल रहा है. शीर्ष अदालत ने इसी साल अप्रैल में सहारा समूह द्वारा सेबी के खाते में 5,092 करोड़ रुपए न जमा कराने पर एंबी वैली परियोजना को नीलाम करने का आदेश दिया था.

रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष अदालत ने कहा है कि सेबी की अवमानना याचिका को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के पास भेजा जाएगा, वे ही इस पर फैसला करेंगे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने 14 अगस्त को 37,392 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य के साथ एंबी वैली को सार्वजनिक बोली के लिए रखा था. आरक्षित मूल्य नीलाम की जा रही वस्तु की न्यूनतम कीमत होती है.

सेबी-सहारा विवाद सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन से जुड़ा है. सेबी ने इन कंपनियों में निवेश को संदिग्ध मानते हुए अगस्त 2010 में जांच का आदेश दिया था. इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में आ गया था. 31 अगस्त 2012 को शीर्ष अदालत ने सहारा समूह को 15 फीसदी ब्याज सहित निवेशकों के 24,000 करोड़ रुपये किस्तों में लौटाने का आदेश दिया था. सहारा समूह अब तक 16,000 करोड़ रुपये लौटा चुका है.