भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक अमित शाह ने राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में कहा, ‘वे (राहुल गांधी) गुजरात में विकास का मजाक बना रहे हैं. मैं कांग्रेस के शहजादे से पूछना चाहता हूं कि उनकी तीन पीढ़ियों ने अमेठी को क्या दिया है?’ उधर, राहुल गांधी ने भी एक ट्वीट में जय अमित शाह मामले को लेकर कहा, ‘बेटी बचाओ से लेकर बेटा बचाओ तक सरकार में आया यह बदलाव हैरान करने वाला है.’

कश्मीर : चोटी काटने के घटनाओं को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन

कश्मीर में चोटी काटने की कथित घटनाओं को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं. द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी घाटी में इस तरह की हैरान करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं. बताया जाता है कि श्रीनगर में एक अधेड़ उम्र की महिला के चेहरे पर कोई केमिकल डाले जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शहर स्थित दो इलाकों में पत्थरबाजी की. इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की खबर एक अन्य इलाके में आठवीं कक्षा की छात्रा द्वारा चोटी काटने की शिकायत किए जाने के बाद सामने आई. छात्रा का कहना है कि चोटी काटने से पहले उसे बेहोश किया गया था. हालांकि, पुलिस ने चोटी काटने की घटनाओं की न तो पुष्टि की है और न ही इनसे इनकार किया है. उधर, राज्य सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेने की बात कही है.

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में इच्छा मृत्यु के अधिकार के दुरुपयोग की आशंका जताई

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि इच्छा मृत्यु के अधिकार का दुरुपयोग हो सकता है. साथ ही सरकार ने कहा है कि वे इच्छा मृत्यु की वसीयत लिखने की अनुमति नहीं दे सकती. हालांकि केंद्र का कहना था कि मेडिकल बोर्ड के निर्देश पर मरणासन्न व्यक्ति के लाइफ सपोर्ट को हटाया जा सकता है. राजस्थान पत्रिका ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक केंद्र ने शीर्ष अदालत में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान ये बातें कहीं. इस याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत किसी नागरिकों को जीने के साथ-साथ मरने का भी अधिकार है.

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से विचाराधीन कैदियों को लेकर जवाब-तलब किया

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से विचाराधीन कैदियों के बारे जवाब-तलब किया है. अमर उजाला में छपी एक खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने सवाल किया है कि आखिर जेल में बंद उन विचाराधीन कैदियों की रिहाई क्यों नहीं हुई, जिन्हें रिहा करने की सिफारिश की गई थी. इससे पहले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आधी सजा काट चुके कैदियों की रिहाई की सिफारिश की थी. इसके अलावा शीर्ष अदालत ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जेल में क्षमता से अधिक कैदी होने के बावजूद इन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने तीनों राज्यों को इस बारे में हलफनामा दायर करने के लिए 25 अक्टूबर तक का वक्त दिया है.

बिहार : सातवीं कक्षा की परीक्षा के पर्चे में कश्मीर को एक अलग देश बताया गया

बिहार में सातवीं कक्षा की परीक्षा के प्रश्नपत्र में कश्मीर को एक अलग देश बताया गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी स्कूलों में बीती पांच अक्टूबर को ली गई परीक्षा में छात्रों से पूछा गया कि पांच देश- चीन, नेपाल, इंग्लैंड, कश्मीर और भारत में रहने वाले लोगों को क्या कहा जाता है? बताया जाता है कि बीते मंगलवार को वैशाली स्थित एक छात्र ने इस गलती की ओर ध्यान दिलाया. उधर, बिहार एजुकेशन प्रोजेक्ट काउन्सिल के अधिकारी ने इसे शर्मनाक बताते हुए प्रिंटिंग की गलती बताया है.

आज का कार्टून

जय अमित शाह मामले पर द एशियन एज में प्रकाशित आज का कार्टून :