गुजरात विधानसभा चुनाव इस साल दिसंबर में हो सकते हैं. मंगलवार को चुनाव आयोग ने इसके संकेत दिए. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ चुनाव की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एके जोति के नेतृत्व में चुनाव आयोग के अधिकारी गुजरात आए हुए थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘चुनाव दिसंबर में कराने होंगे क्योंकि वर्तमान गुजरात विधानसभा का कार्यकाल अगली जनवरी में ख़त्म होने वाला है.’

मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक गुजरात चुनाव में 50 हज़ार पोलिंग बूथों पर वीवीपैट मशीनें इस्तेमाल की जाएंगी. उन्होंने यह भी बताया कि वीवीपैट स्लिप और वोटों का मिलान करने के लिए 182 चुनाव क्षेत्रों में एक पोलिंग बूथ की पेपर स्लिपों की गिनती की जाएगी. हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि चुनाव एक चरण में होगा या कई चरण में. उन्होंने कहा कि आयोग इस पर तैयारियों के आधार पर विचार करेगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दोनों चुनाव आयुक्त ओपी रावत और सुनील अरोड़ा सहित 12 अधिकारी भी थे. अपने दो दिवसीय दौरे में टीम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सरकार और पुलिस के अधिकारियों से मुलाक़ातें कीं. इसके बाद एके जोति ने कहा, ‘गोवा के चुनावों के बाद यह पहला मौक़ा होगा जब पूरे चुनाव में वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा. यह हमारे लिए भी एक चुनौती है.’ उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव पैनल ने सभी 182 विधानसभा क्षेत्रों के लिए ऐसे मतदान केंद्र बनाने फ़ैसला किया है जहां सभी जिम्मेदारियां महिलाएं निभाएंगी.

सीईसी ने यह भी बताया कि चुनाव कैंपेन की हालिया समीक्षा में पाया गया कि इस बार वहां क़रीब साढ़े दस लाख नए वोटर जुड़े हैं. इनमें तीन लाख से ज़्यादा लोग पहली बार वोट देंगे. उन्होंने बताया कि गुजरात में कुल वोटरों की संख्या 4.33 करोड़ है. चुनाव के दौरान सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी. सीईसी ने बताया कि सीमा चेक पोस्टों पर और पोलिंग स्टेशनों की पहचान के लिए वेब कास्टिंग, सीसीटीवी और वीडियोग्राफ़ी की सुविधा होगी. साथ ही चुनाव कैंपेन के दौरान पैसे के लेन-देन, शराब और तोहफ़ों के वितरण, नशीले पदार्थों की सप्लाई आदि पर लगाम लगाने के लिए आयकर विभाग और एक्साइज़ एंड नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो सक्रिय रहेंगे.