केरल के बहुचर्चित सोलर घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओमन चांडी की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बुधवार को मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा कि इस मामले की जांच करने वाले शिवराजन आयोग की सिफारिश के आधार पर सतर्कता जांच का आदेश दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने सीधे और अपने सहायकों के जरिए सोलर कंपनी चलाने वाली सरिता एस नायर से रिश्वत ली थी, जिसके लिए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा. सरिता एस नायर सोलर प्लांट लगाने के नाम पर ग्राहकों से ठगी करने वाले सोलर घोटाले की मुख्य आरोपित हैं.

सतर्कता जांच के अलावा राज्य सरकार ने सोलर घोटाला मामले में ओमन चांडी के अलावा उनके सहायकों की संलिप्तता की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से भी कराने का फैसला किया है. रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के पूर्व गृहमंत्री थिरूवचूर राधाकृष्णन के खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा, जिसकी जांच एसआईटी करेगी. थिरूवचूर राधाकृष्णन पर पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की मदद के लिए सबूतों को मिटाने और पुलिस अधिकारियों को प्रभावित करने का आरोप है.

केरल में करोड़ों रुपये का सोलर घोटाला 2013 में सामने आया था. इसकी मुख्य आरोपित सरिता एस नायर ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और अन्य लोगों पर यौन शोषण का भी आरोप लगाया था. मुख्यमंत्री पी विजयन के मुताबिक शिवराजन आयोग ने इन लोगों के खिलाफ यौन शोषण का मामला चलाने की सिफारिश की है. उन्होंने आगे कहा कि सरिता एस नायर के 2013 के पत्र के आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ बलात्कार और यौन शोषण की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा.