आर्थिक मोर्चे पर तमाम नकारात्मक ख़बरों के बीच केंद्र की नरेद्र मोदी सरकार के लिए एक ख़बर थोड़ी राहत लेकर आई है. केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 की पहली छमाही में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में करीब 15.8 फीसदी का इजाफा हुआ है. अप्रैल से सितंबर की अवधि में 3.86 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध प्रत्यक्ष कर इकट्ठा हुआ. यह मौजूदा वित्त वर्ष के बजट लक्ष्य (9.8 लाख करोड़ रु) का 39.4 फीसदी है.

ख़बरों के अनुसार पिछले साल पहली छमाही के दौरान 3.27 लाख करोड़ रुपए (वित्त वर्ष के तय लक्ष्य का 38.6 फीसदी) का शुद्ध प्रत्यक्ष कर जमा हुआ था. वैसे वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में प्रत्यक्ष कर संग्रह पहली छमाही से हमेशा ज्यादा (प्राय: डेढ़ गुना) होता है. वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि टैक्स रिफंड करने से पहले का कुल संग्रह इस साल 4.66 लाख करोड़ रुपए रहा है. पिछले साल की तुलना में इसमें 10.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.

यानी अप्रैल से सितंबर, 2017 के बीच करीब 80 हजार करोड़ रुपए का कर रिफंड किया गया. दूसरी ओर इस दौरान अग्रिम कर संग्रह 11.5 फीसदी बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपए हो गया. जानकारों के अनुसार नोटबंदी और केंद्र सरकार की कोशिशों से कर देने वालों की संख्या बढ़ी है. इसीलिए कर संग्रह भी बढ़ा है. पिछले महीने केंद्र ने आयकर विभाग से मौजूदा वित्त वर्ष में 1.25 करोड़ नए आयकरदाताओं को जोड़ने को कहा था, ताकि कर आधार बढ़ाया जा सके. सरकार के अनुसार इस साल अप्रैल से अगस्त के पहले हफ्ते तक पिछले साल से 56 लाख ज्यादा (कुल 2.8 करोड़) लोगों ने आयकर रिटर्न जमा किया है.