तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके नेता मुकुल रॉय के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन ख़बरों की मानें ताे भाजपा के भीतर ही उन्हें शामिल करने के मसले पर एकराय नहीं बन पा रही है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भाजपा के कुछ नेता उनकी सांगठनिक क्षमता की तारीफ करते हैं और उन्हें पार्टी में लेने की वकालत कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ कुछ अन्य नेता ऐसे भी हैं जो उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की वज़ह से उन्हें पार्टी में शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं. मसलन भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष कहते हैं, ‘उन्होंने (मुकुल रॉय ने) बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का संगठन खड़ा करने में जो भूमिका निभाई उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता. वे एक अच्छे संगठक हैं. हालांकि अभी उन्हें पार्टी में लेने के बारे में कुछ तय नहीं हुआ है. लेकिन तृणमूल कांग्रेस से उनकी विदाई हम सभी के लिए अच्छी ख़बर है.’

लेकिन एक अन्य वरिष्ठ नेता नाम न छापने की शर्त पर समाचार एजेंसी पीटीआई से कहते हैं, ‘मुकुल रॉय को भाजपा में शामिल करने से पार्टी की छवि का नुकसान पहुंचेगा. उन पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप हैं. और अगर वे भाजपा में शामिल होते हैं तो उनके भ्रष्टाचार का भार हमें भी ढोना पड़ेगा. जहां तक अच्छे संगठक होने का ताल्लुक है तो सरकारी सहयोग मिलने पर तो कोई भी यह भूमिका निभा सकता है.’ ग़ौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के बाद मुकुल रॉय ने बुधवार को राज्य सभा से भी इस्तीफा दे दिया है. दिल्ली में उन्होंने इसी हफ्ते भाजपा के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की है. हालांकि विजयवर्गीय ने साफ कहा है कि पार्टी अभी उन्हें शामिल करने की जल्दी में नहीं है.