‘जातिवाद का जहर गांवों को बिखेर देता है और सपनों को चूर-चूर कर देता है.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात गांवों से जातिगत भेदभाव मिटाने की अपील करते हुए कही. उन्होंने कहा, ‘ऐसे प्रयास करने की जरूरत है, जिससे गांव जातिवाद से बाहर निकलकर एक समावेशी और जोड़ने वाला समाज बन सकें.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि उनकी सरकार गांवों को आगे लाने के लिए सारे प्रयास कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि आखिरी इंसान तक लाभ पहुंचाने के लिए देश के पास पर्याप्त संसाधन है और इस लक्ष्य को सुशासन से पाया जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक सुशासन वाले राज्यों में ज्यादा योजनाएं लागू हो रही हैं और ज्यादा रोजगार पैदा हो रहा है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केवल पुरुषों के बीच काम करता है.’

— मनमोहन वैद्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी

संघ पदाधिकारी मनमोहन वैद्य का यह बयान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा आरएसएस में महिलाओं की संख्या पूछने पर आया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह बात बिल्कुल वैसी है जैसे कोई पूछे कि पुरुष हॉकी टीम में कोई महिला क्यों नहीं है. राहुल गांधी को कांग्रेस के जनाधार की चिंता करने की नसीहत देते हुए मनमोहन वैद्य ने कहा, ‘संघ ने बहुत पहले तय किया था कि वह पुरुषों के बीच काम करेगा, यह तय करने का उसे पूरा अधिकार है.’ उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस में महिलाओं का समानांतर संगठन चलता है. मनमोहन वैद्य के मुताबिक राहुल गांधी को बार-बार संघ का नाम नहीं लेना चाहिए, क्योंकि इस संगठन का उनकी दादी और पिता ने भी विरोध किया था, लेकिन इसका विस्तार होता चला गया.


‘देश को ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत है जो काम करता हो.’

— मायावती, बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री

बसपा प्रमुख मायावती का यह बयान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दावे के जवाब में आया. मंगलवार को अमित शाह ने कहा था कि भाजपा ने देश को एक ऐसा प्रधानमंत्री दिया है जो बोलता है. इस पर मायावती ने कहा, ‘भाजपा अध्यक्ष ने इस तल्ख हकीकत को स्वीकार करके देश का भला किया है कि नरेंद्र मोदी ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो सिर्फ बोलते हैं.’ बसपा प्रमुख मायावती ने मोदी सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया. उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है.


‘राहुल गांधी की सोच विदेशी है.’

— विजय रूपानी, गुजरात के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने यह बात कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सवाल के जवाब में कही. मंगलवार को भाजपा को महिला विरोधी बताते हुए राहुल गांधी ने पूछा था कि उसके मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) में कितनी महिलाएं हैं और कितनी महिलाएं शॉर्ट्स पहनकर शाखा जाती हैं. इस पर विजय रूपानी ने कहा कि इसमें राहुल गांधी की कोई गलती नहीं है, बल्कि उनकी परवरिश विदेश में हुई है और उनका भारतीय परंपराओं से कोई नाता नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्र सेविका समिति आरएसएस का महिला संगठन है, जिसकी राहुल गांधी को जानकारी नहीं है. गुजरात के मुख्यमंत्री के मुताबिक राहुल गांधी के ऐसे बयानों से भाजपा को ही फायदा होगा.


‘दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक के पीछे अवॉर्ड वापसी गैंग का हाथ है.’

— तथागत रॉय, त्रिपुरा के राज्यपाल

राज्यपाल तथागत रॉय का यह बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक नवंबर तक दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने पर आया. उन्होंने कहा कि ऐसी याचिकाओं का समर्थन करने वालों की निगाह अल्पसंख्यक वोट बैंक पर रहती है, निश्चित तौर पर इसके पीछे राजनीति है. अपने एक ट्वीट का जिक्र करते हुए तथागत रॉय ने कहा, ‘जैसे दही हांडी और पटाखे पर रोक लगी है, ऐसे ही एक दिन ऐसा भी आएगा, जब मोमबत्ती और अवॉर्ड वापसी गैंग प्रदूषण के नाम पर हिंदुओं के अंतिम संस्कार के खिलाफ याचिका लगा देगा.’ त्रिपुरा के राज्यपाल ने कहा कि हिंदू होने के नाते वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाखुश हैं, क्योंकि दिवाली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है और पटाखे इसका अहम हिस्सा हैं.


‘अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में चीन की संप्रभुता का उल्लंघन किया है.’

— हुआ चुनयिंग, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता

चीनी प्रवक्ता हुआ चुनयिंग का यह बयान दक्षिण चीन सागर से अमेरिकी विध्वंसक जहाज के गुजरने पर आया. चीनी और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए उन्होंने कहा, ‘यह चीन के सुरक्षा हितों को नजरअंदाज करने वाला कदम है.’ हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन ने अमेरिका के सामने इस पर सख्त विरोध दर्ज कराया है. चीन, दक्षिण चीन सागर पर अपना एकाधिकार जताता है, लेकिन अमेरिका और अन्य देश इसे नौवहन के लिए स्वतंत्र क्षेत्र बताते हैं.