फ़ुटबॉल की सबसे बड़ी संस्था फ़ीफ़ा ने पाकिस्तान की फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन (पीएफ़एफ़) पर बैन लगा दिया है. द इंडिपेंडेंट की ख़बर के मुताबिक़ यह फैसला ‘तीसरे पक्ष के अनुचित हस्तक्षेप’ की वजह से लिया गया. बुधवार को जारी किए बयान में फ़ीफ़ा ने कहा कि यह रोक हटने तक पीएफ़एफ़ की राष्ट्रीय और क्लब टीमों को फुटबाल की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अधिकार नहीं होगा.

यह मामला साल 2015 में फ़ैसल सालेह हयात के पीएफ़एफ़ के अध्यक्ष चुने जाने से जुड़ा है. उनके अध्यक्ष बनने के बाद चुनाव में वोटों की हेराफेरी के आरोप लगे थे. इस पर हुए विवाद के चलते पाकिस्तान में फुटबाल का खेल लगभग थम गया था. मामले को सुलझाने के लिए वहां के एक हाई कोर्ट ने एक प्रबंधक की नियुक्ति की थी जिसने पीएफ़एफ़ के दफ्तरों और बैंक खातों का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया था. फीफा के मुताबिक यह फुटबाल प्रशासन को किसी बाहरी दखल से स्वतंत्र रखने के उसके नियमों का उल्लंघन है.

पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने पर प्रतिबंध के चलते पीएफ़एफ़ का कोई भी सदस्य या अधिकारी फ़ीफ़ा या एशियन फ़ुटबॉल कॉन्फ़ेडेरेशन (एएफ़सी) के विकास अनुदान या प्रशिक्षण कोर्स का लाभ भी नहीं ले पाएगा. वहीं, पाकिस्तान में फ़ुटबॉल के लिए यह बड़ा झटका है. वहां की पुरुष फ़ुटबॉल टीम ने2015 से एक भी खेल नहीं खेला है. उसकी विश्व रैंकिंग 200 पर आ गई है और वहां कोई प्रोफ़ेशनल लीग भी नहीं खेली जाती.