अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर उत्तर कोरिया के ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं. उन्होंने बुधवार को अपने दफ्तर (ओवल ऑफिस) में कनाडा के राष्ट्रपति जस्टिस त्रुदो के साथ मीडिया से बातचीत करते हुए ये संकेत दिए. उन्होंने कहा, ‘उत्तर कोरिया के साथ कुछ न कुछ तो करना होगा.’

ख़बरों के मुताबिक ट्रंप ने कहा है, ‘मुझे लगता है कि मेरा नज़रिया दूसरों से अलग है. मुझे यह भी लगता है कि मैं इस विषय पर (उत्तर कोरिया के बारे में) अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा ठोस और सख़्त राय रखता हूं. लेकिन मैं सुनता भी सबकी हूं. हालांकि अंतिम तौर पर अमेरिका और दुनिया के लिए जो बेहतर होगा मैं वही करूंगा. क्योंकि यह समस्या (उत्तर कोरिया का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम) वास्तव में वैश्विक है. इसका समाधान होना ही चाहिए.’

इस साल फरवरी से अब तक उत्तर कोरिया 22 मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है. इनमें दो मिसाइलें तो उसने जापान के ऊपर से दागी हैं. इसे उसकी ओर से अमेरिका और उसके सहयोगियों को सीधी चुनौती माना जा रहा है. इसी से जुड़े सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘समस्या बेहद गंभीर हो चुकी है. इसे हम और चिंताजनक नहीं होने दे सकते. इसका समाधान 25, 20, 10 या पांच साल पहले ही कर लिया जाना चाहिए था.’

इस बीच रिपब्लिकन पार्टी के एक सांसद टेड योहो ने सीएनएन से बातचीत में संकेत दिया है कि उत्तर कोरिया के ख़िलाफ अमेरिका सीधी कार्रवाई शायद अभी न करे. पहली प्राथमिकता उस पर वैश्विक आर्थिक प्रतिबंध लगाने और लगवाने की होगी ताकि उसको बातचीत की मेज पर लाया जा सके.