पंजाब के सिंचाई एवं ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह पर रेत खदानों के आवंटन में बेनामी निवेश के आरोप पुख़्ता होते नज़र आ रहे हैं. इस सिलसिले में जस्टिस जेएस नारंग की अध्यक्षता में बने आयोग की रिपोर्ट में तीन कंपनियों-आरजीएस ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड, आरजे टैक्सफैब और जय आर बिल्डर्स का नाम आया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ये कंपनियां राणा गुरजीत से संबंधित बताई जाती हैं.

अख़बार के मुताबिक राणा गुरजीत के ही दो पूर्व कर्मचारियों- अमित बहादुर और कुलविंदर पॉल सिंह को सैदपुर ख़ुर्द और नवांशहर के मेंहदीपुर में रेत की दो खदानें आवंटित हुई हैं. खदानें हासिल करने के लिए इन दोनों कर्मचारियों को नीलामी की कुल राशि का 50 फीसदी पैसा (18 करोड़ रुपए) राजबीर एंटरप्राइजेज़ नाम की एक कंपनी से मिला था. जबकि राजबीर एंटरप्राइजेज़ को इस हिस्से के सहित नीलामी की पूरी रकम 23 कंपनियों ने मुहैया कराई थी.

ख़बर के मुताबिक राजबीर एंटरप्राइजेज़ को रकम उपलब्ध कराने वाली कंपनियों में राणा गुरजीत से जुड़ी तीनों कंपनियां भी शामिल हैं. इनमें आरजीएस ट्रेडर्स ने 35 लाख रुपए, जय आर बिल्डर्स ने 36 लाख रुपए और आरजे टैक्सफैब ने 4.52 करोड़ रुपए दिए थे. यही नहीं आरजीएस ट्रेडर्स ने तो अपना पता भी वही बताया है जो कि राणा ग्रुप की कंपनियों का है. कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में पेश दस्तावेज़ के मुताबिक आरजीएस ट्रेडर्स का पता एससीओ 46-50, सेक्टर 8-सी, चंडीगढ़ है. यही पता राणा ग्रुप की अन्य कंपनियों- राणा सुगर्स लिमिटेड, राणा पॉलीकॉट लिमिटेड और राणा इन्फॉर्मेटिक्स लिमिटेड का है. आरजीएस ने अपना अधिकृत ईमेल आईडी भी इन्फो@राणाग्रुप डॉट कॉम बताया है.

नारंग आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट में दोनों खदानों का आवंटन रद्द करने की भी सिफारिश की है. यह आयोग इन आरोपों की जांच के लिए गठित किया गया था कि कहीं राणा गुरजीत ने रेत खदानों के आवंटन की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं की है. इस बाबत अख़बार ने जब राणा गुरजीत से संपर्क किया तो उन्होंने माना कि जिन कंपनियों का जांच रिपोर्ट में नाम आया है वे उनसे जुड़ी हैं. उन्होंने यह भी माना कि वे आरजीएस ट्रेडर्स के मालिक सुखजीत सिंह पूंजा को जानते हैं. लेकिन सुखजीत के साथ अपने संंबंध में बारे में पूछे जाने पर उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा, ‘हां, वह मेरा रिश्तेदार है. मेरा तो पूरा पंजाब ही रिश्तेदार है.’