चुनाव आयोग के गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीख़ की घोषणा नहीं करने को लेकर सवाल उठने लगे हैं. द हिंदू के मुताबिक़ पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एसवाई क़ुरैशी ने चुनाव आयोग के इस फ़ैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले हफ़्ते के गुजरात दौरे से जोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीख़ों का ऐलान नहीं करने का फ़ैसला ‘शक करने का आधार’ पैदा करता है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले हफ़्ते गुजरात जाने की संभावना है.

गुरुवार को चुनाव आयोग ने केवल हिमाचल प्रदेश चुनाव की तारीख़ घोषणा की थी. गुजरात और हिमाचल प्रदेश दोनों राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल जनवरी 2018 में ख़त्म हो रहा है. ऐसे में चुनाव की तारीख़ों के ऐलान के बाद आचार संहिता प्रभाव में आ जाती है जो सरकार को किसी नई योजना या कार्य की घोषणा करने से रोकती है. पूर्व सीईसी क़ुरैशी ने कहा कि चुनाव आयोग का फ़ैसला ‘एक साथ चुनाव कराने की भावना’ के ख़िलाफ़ है. उन्होंने कहा, ‘क्या मजबूरियां थीं कि चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश की तारीख़ों का ऐलान किया लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं की? इसे उचित बताने के लिए उनके पास वाजिब वजहें होनी चाहिए. पीएम मोदी का अगले हफ़्ते का गुजरात दौरा शक का आधार तैयार करता है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है.’

क़ुरैशी ने सवाल करते हुए कहा, ‘आयोग के फ़ैसले से मैं काफ़ी हैरान हूं. गुजरात और हिमाचल प्रदेश की विधानसभाओं का कार्यकाल एक साथ खत्म हो रहा है. उन्होंने (चुनाव आयोग) क्यों दोनों राज्यों के लिए चुनावों की तारीख का ऐलान नहीं किया?’

चुनाव की घोषणा के बाद आयोग ने सुरक्षा के मुद्दों पर गृह मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत की थी. लेकिन अख़बार के मुताबिक़ मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि घोषणा से पहले आयोग ने सुरक्षा को लेकर कोई बैठक नहीं की. अधिकारी ने कहा, ‘चुनावों की घोषणा से पहले आयोग ने सुरक्षाबलों की उपलब्धता और उनकी तैनाती को लेकर गृह मंत्रालय से पूछा था. (घोषणा से पहले) कोई मीटिंग नहीं हुई थी. घोषणा के बाद आयोग ने मीटिंग बुलाई.’

इससे पहले गुरुवार को चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान किया था. मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोति ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की सभी 68 विधानसभा सीटों पर नौ नवंबर को मतदान होगा, जबकि 18 दिसंबर को मतगणना की जाएगी. तारीखों के ऐलान के साथ हिमाचल प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा के मामले में आदर्श आचार संहिता राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार पर भी लागू होगी.