तेलंगाना के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के पांच छात्रों को अमेरिकी स्पेस एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी नासा के प्रतिष्ठित ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज (एचईआरसी) के लिए चुना गया है. एनडीटीवी की ख़बर के मुताबिक़ ये पांचों छात्र वारंगल के एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज के हैं. ये सभी अप्रैल 2018 में होने वाले पांचवीं एचईआरसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अमेरिका जाएंगे.

एचईआरसी नासा द्वारा आयोजित एक प्रतियोगिता है जिसमें भाग लेने के लिए चंद्रमा पर चलने वाला एक रोवर तैयार करना होता है. इसे मूनबग्गी कहा जाता है. 23 देश इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं. इसमें छात्रों को ऐसा वाहन तैयार करने की चुनौती दी जाती है जो किसी और गृह की कृत्रिम ज़मीन पर चल सके. भारत के ये छात्र अपने आइडिया से यह आश्वस्त कराने में कामयाब रहे कि उनकी बनाई बग्गी चांद पर चल सकती है. उनका कहना है कि यह बग्गी पूरी तरह सुरक्षित भी है.

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कॉलेज की तरफ़ से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि भारत की ओर से केवल चार टीमें नासा के रोवर चैलेंज के लिए चुनी गई थीं. प्रतियोगिता के लिए चुनी गई टीम में एसआर इंजीनियरिंग कॉलेज के पी पॉल विनीत, प्रकाश रैनेनी, पी श्रवण राव, आर दिलीप रेड्डी और वी स्नेहा होंगे. इन छात्रों का कहना है कि वे इस प्रतियोगिता को लेकर उत्साहित हैं. उन्हें विश्वास है कि वे इसे जीत सकते हैं.