‘मुझे प्रधानमंत्री बनाए जाने पर प्रणब मुखर्जी नाराज हुए थे, जिसकी वजह भी थी.’

— मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह बात अपने प्रधानमंत्री बनने के आसपास के राजनीतिक घटनाक्रम को याद करते हुए कही. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की नई किताब ‘द कोअलिशन ईयर्स-1996-2012’ के लोकार्पण के मौके पर उन्होंने कहा, ‘प्रणब जानते थे कि मेरे पास कोई विकल्प नहीं था और मैं इस फैसले का हिस्सा भी नहीं था.’ मनमोहन सिंह ने आगे कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए चुना था, जबकि कांग्रेस में प्रणब मुखर्जी उनसे वरिष्ठ थे. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की प्रशंसा करते उन्होंने कहा, ‘वे अपने चयन से राजनेता बने हैं जो उनमें झलकता भी है... मैं दुर्घटनावश राजनेता बना हूं.’ 2004 में सोनिया गांधी ने अप्रत्याशित रूप से प्रधानमंत्री पद के लिए मनमोहन सिंह का नाम आगे कर दिया था.

‘राहुल गांधी जहां प्रचार करने चले जाएं, वहां कांग्रेस की हार पक्की समझो.’

— आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का यह बयान कांग्रेस को बर्बादी का प्रतीक बताते हुए आया. गुजरात के वलसाड में उन्होंने कहा, ‘जो लोग तीन पीढ़ियों तक शासन में रहने के बावजूद अमेठी को कलेक्ट्रेट नहीं दे पाए, वे गुजरात का क्या विकास करेंगे?’ कांग्रेस पर सरदार वल्लभभाई पटेल को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें 41 साल बाद भारत रत्न दिया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में भाजपा को 150 से ज्यादा सीटें मिलेंगी. राम मंदिर के सवाल पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का कहना था कि यह चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक है.


‘राहुल गांधी 2019 में देश का चेहरा होंगे और प्रधानमंत्री बनेंगे.’

— वीरप्पा मोइली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली का यह बयान पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने से पार्टी में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद जताते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘वे (राहुल गांधी) पार्टी को नया चेहरा देने में कामयाब होंगे, क्योंकि उनके पास पार्टी और सरकार का अच्छा अनुभव है.’ कांग्रेस के सामने अस्तित्व के संकट जैसी बातों को खारिज करते हुए वीरप्पा मोइली ने कहा, ‘जब भी लोगों ने कांग्रेस को मिटाने की सोची है, उसने हमेशा सफलता के साथ वापसी की है.’


‘गांधी का चमत्कार जनांदोलन का नेतृत्व करना नहीं, बल्कि एक भारतीय विचार के जरिए यूरोपीय उपनिवेशवाद को परास्त करना था.’

— एमजे अकबर, विदेश राज्यमंत्री

विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर का यह बयान महात्मा गांधी के सफल आंदोलनों की चर्चा करते हुए आया. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने उपनिवेशवाद से लड़ने के लिए भारतीय विचार ‘सत्याग्रह’ का इस्तेमाल किया था. एमजे अकबर ने आगे कहा, ‘सत्याग्रह महज अहिंसा नहीं है, बल्कि यह सत्य की ताकत भी है.’ उन्होंने कहा कि उस समय महात्मा गांधी के कदमों का समाज में काफी गहरा असर था. विदेश राज्यमंत्री के मुताबिक भारत का जन्म किसी सैन्य ताकत के बल पर नहीं, बल्कि लोगों की तल्ख हकीकतों से प्रेरित जनांदोलन से हुआ है, इसलिए यह वास्तव में जनता का गणतंत्र बन पाया है.


‘अगर अमेरिका परमाणु समझौते से पीछे हटता है तो यह इस अंतरराष्ट्रीय समझौते का अंत होगा.’

— अली लारीजानी, ईरान की संसद के स्पीकर

ईरानी संसद के स्पीकर अली लारीजानी का यह बयान अमेरिका द्वारा ईरान के साथ 2015 में हुई परमाणु संधि से पीछे हटने की आशंका पर आया. अमेरिका के इस संभावित कदम को संयुक्त राष्ट्र का अपमान बताते हुए उन्होंने कहा कि यह दुनिया में अफरा-तफरी पैदा करने वाला फैसला होगा. अली लारीजानी ने उम्मीद जताई कि रूस इस समझौते के आसपास बने हालात को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी समय से ईरान के साथ परमाणु समझौते को अमेरिकी हितों के खिलाफ बता रहे हैं. इसके तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने के बदले में ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दिया था.