पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ पर भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय किए गए हैं. उन पर लंदन स्थित अपने चार महंगे अपार्टमेंट के बारे में कर अधिकारियों को जानकारी न देने का आरोप है.

द हिंदू के मुताबिक इस्लामाबाद स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत ने इसी मामले में नवाज़ शरीफ की बेटी मरयम और दामाद मुहम्मद सफदर पर भी आरोप तय किए हैं. ख़बर के मुताबिक इस मामले की सुनवाई के दौरान शरीफ अदालत में मौज़ूद नहीं थे क्योंकि उनकी पत्नी कुलसुम का लंदन में कैंसर का इलाज चल रहा है. वहां उनकी कीमोथैरेपी की जा रही है लिहाज़ा शरीफ के प्रतिनिधि अदालत में मौज़ूद रहे.

जानकारी के मुताबिक शरीफ का परिवार लंदन के इन अपार्टमेंटों में 1990 के दशक से रह रहा है. लेकिन उनका दावा है कि इस संपत्ति पर उनका मालिकाना 2006 में हुआ जब उन्होंने क़तर के राजकुमार की अगुवाई वाले कंसोर्टियम (कंपनी समूह) से इसे ख़रीदा. ग़ौर करने की बात है कि इस सौदे के समय कंसोर्टियम में शरीफ के पुत्र हुसैन भी साझीदार थे. हुसैन और उनके भाई हसन नवाज़ अब तक पाकिस्तान की अदालत के सामने पेश नहीं हुए हैं. इसलिए अदालत ने उनके ख़िलाफ ग़िरफ्तारी वॉरंट जारी कर रखा है.

लेकिन शरीफ के परिवार के प्रवक्ता का कहना है कि दोनों भाई चूंकि ब्रिटेन के नागरिक हैं इसलिए उन पर पाकिस्तान का कानून लागू नहीं होता. इधर नवाज़ की बेटी ने अपने परिवार के ख़िलाफ भ्रष्टाचार की कार्रवाई को साज़िश बताया है. उन्होंने कहा है, ‘हमें सियासी वज़हों के चलते लंबे समय निशाना बनाया जा रहा है. लेकिन हम झुकेंगे नहीं. लड़ेंगे और अपनी बेग़ुनाही साबित करेंगे.’